नेपाल और चीन के बीच सीमा पर भयानक भूस्खलन और बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। पानी की तेज धारा ने देखते ही देखते सब कुछ बहा दिया।
नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद फ्रेंडशिप ब्रिज भूस्खलन और बाढ़ के कारण ध्वस्त हो गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि पानी की प्रचंड धारा ने कुछ ही सेकंड में ६-७ मंजिला ब्रिज को झोपड़ी की तरह बहा दिया है। इस घटना में अब तक १६ लोगों की मौत हो चुकी है और १०५ लोग लापता हैं।
तबाही की चपेट में आए इलाकों में ग्यिरोंग पोर्ट, जहाँ नेपाल में चीनी कंटेनर आते हैं और मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्री गुजरते हैं, का विशाल कस्टम ऑफिस भी बह गया है। पानी ने आगे ४० किलोमीटर सड़क और १९ पुलों को भी नष्ट कर दिया है।
चीन सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्यिरोंग पोर्ट के पास भूस्खलन प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की खोज और बचाव के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया है। शिगात्से की पीपुल्स आर्म्ड पुलिस की १४५ अधिकारियों और जवानों की टीम को प्रभावित सीमावर्ती इलाके में भेजा गया है। ड्रोन फुटेज में पोर्ट की कुछ इमारतें मलबे में दबी हुई दिखाई दी हैं।
नेपाल की ओर से बोटेकoshi नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई है, जिससे रसुवा के तिमुरे और स्याब्रूबेसी जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। चीनी दूतावास ने फ्लैश फ्लड के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय किया और प्रभावित इलाके में चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का जायजा लिया। दूतावास ने नेपाल में मौजूद चीनी नागरिकों और संस्थानों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।
बाढ़ के कारण संचार और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी अब भी लापता लोगों को खोजने और प्रभावित क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल चीन बॉर्डर बाढ़ की यह घटना भयानक मौत की विभीषिका को दर्शाती है, जिससे देश और चीन दोनों ही प्रभावित हैं।
