ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, सऊदी प्रिंस MBS ने किया आपात फोन; खाड़ी में मचा हड़कंप

राहुल शर्मा
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ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, सऊदी प्रिंस MBS ने किया आपात फोन; खाड़ी में मचा हड़कंप

मध्य पूर्व (मिडिल-ईस्ट) में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब सऊदी अरब ने भी दखल देना शुरू कर दिया है। खबर है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है। इस बातचीत के दौरान सऊदी प्रिंस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई पर अपनी गहरी चिंता जताई है।

सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब इस बात को लेकर काफी परेशान है कि अमेरिका ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले की प्लानिंग कर रहा है। सऊदी प्रिंस ने ट्रंप से इन हमलों को रोकने की अपील की है। इस हाई-प्रोफाइल फोन कॉल के बाद खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि ईरान के साथ किसी भी तरह की जंग का सीधा असर पूरे इलाके की शांति और तेल बाजार पर पड़ेगा।

दरअसल, ट्रंप का रुख ईरान को लेकर काफी सख्त होता जा रहा है। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए ईरानी मिसाइल हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही में आ रही रुकावटों ने अमेरिका को उकसाया है। चर्चा है कि ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों यानी उसके तेल और गैस प्लांट्स पर जोरदार हमले करने की तैयारी में हैं।

सऊदी अरब का रुख पूरी तरह शांति वाला है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने भी हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की थी। उन्होंने साफ किया कि सऊदी अरब ईरान के साथ विवाद सुलझाने और तनाव कम करने के पक्ष में है। सऊदी अरब नहीं चाहता कि इस क्षेत्र में कोई बड़ी जंग छिड़े।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दे दी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की, तो ईरान का पलटवार भी उतना ही करारा होगा। ईरान ने साफ कहा है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वो इजरायल और खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा।

इस समय मिडिल-ईस्ट में शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। कतर, यूएई, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देश भी इस तनाव को कम करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सऊदी अरब की यह कोशिश ट्रंप को हमला करने से रोक पाएगी या फिर खाड़ी क्षेत्र में एक बड़ा युद्ध छिड़ जाएगा।

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