शायरी के हमले से मोदी सरकार की ढाल तक, 4 महीने में कैसे बदली सायोनी घोष की राह?
पश्चिम बंगाल की जाधवपुर सीट से टीएमसी के टिकट पर सांसद बनी सायोनी घोष ने महज चार महीने में अपनी राजनीतिक राह बदल ली है।
सायोनी घोष मोदी सरकार की मुखालफत करने वाली सांसद थीं। वे संसद से सड़क तक अपनी शायरी के हमले से चर्चा में रहीं। हाल ही में विपक्ष को छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गई हैं। अब वे मोदी सरकार की ढाल बनकर parlament में विपक्ष पर हावी होने की कोशिश कर रही हैं।
वर्ष 2024 में TMC के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाली युवा नेता ने प्रधानमंत्री मोदी और BJP के खिलाफ तल्ख भाषण दिए। उन्होंने अपनी शायरी के जरिए आम लोगों की भावनाओं को जगाया। उनके ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सायोनी घोष ने अचानक राजनीतिक संघर्ष विराम की घोषणा की। उन्होंने TMC की सहयोगी ममता बनर्जी को झटका देते हुए कहा कि अब जनता के हित में काम करने के लिए वे NCP के साथ जुड़ रही हैं।
सायोनी घोष ने NCP में शामिल होने के बाद पहली बार मोदी सरकार के लिए संसद में राजनीतिक ढाल बनकर सामने आईं। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के लिए संसद में मजबूत ढाल बनकर विपक्ष की खामियों को उजागर करूंगी। साथ ही सरकार के अच्छे फैसलों का समर्थन भी करूंगी।”
हाल ही में मोदी सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए नया बिल पेश किया है। सायोनी घोष ने इस विधेयक की तारीफ की और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग इस बिल की चर्चा से भाग रहे हैं। युवा पीढ़ी को बिल की जानकारी होनी चाहिए। विपक्ष को आलोचना करने का हक है, लेकिन उन्हें चर्चा में भाग लेना चाहिए।”
इस नई जिम्मेदारी के साथ सायोनी घोष पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय नजर आ रही हैं। उनके भाषणों में अब विपक्षी दलों के नेताओं के लिए तीखी बातें हैं। वे पूर्ववर्ती हमलों को भुलाकर मोदी सरकार की ढाल के रूप में संसद में अपनी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।
गौरतलब है कि सायोनी घोष ने राज्यसभा के लिए भी अपनी दावेदारी जताई थी। एनसीपी के नेताओं का कहना है कि उनका मिशन युवा पीढ़ी को नए भारत के लिए प्रेरित करना है। ऐसे में वे किस तरह से विपक्ष पर आक्रामक तेवर अपनाती हैं, यह देखते ही बनता है।
