ईरान-अमेरिका सैटेलाइट तस्वीरें संघर्ष बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट खाड़ी क्षेत्र
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक बड़े सैंकट का रूप ले चुका है। हाल के हमलों की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें ईरान-अमेरिका संघर्ष की गहराई और बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर पड़े हमले का खुलासा हुआ है।
जॉर्डन, कतर, और बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमलों की सूचना सैटेलाइट इमेजरी से मिली है। इनमें जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर MQ-4C ट्राइटन ड्रोन हैंगर पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि कतर के अल-उदईद एयर बेस में एक हैंगर को नुकसान पहुंचा। बहरीन के US 5th फ्लीट हेडक्वार्टर के पास स्टोरेज फैसिलिटी पर हमला हुआ था। ईरान ने इन हमलों को जवाबी कार्रवाई के रूप में पर्सियन खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सुविधाओं को टारगेट किया।
अमेरिका ने ईरान में भारी हमले किए, जिसमें बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक बिल्डिंग पूरी तरह नष्ट हो गई। यह बिल्डिंग दो अतिरिक्त रिएक्टरों के निर्माण क्षेत्र की थी। IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने पहले से चेतावनी दी थी कि बुशहर पर सीधा हमला रेडियोलॉजिकल आपदा का कारण बन सकता है। अमेरिकी हमलों में ईरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री बेस भी प्रभावित हुए।
इस संघर्ष का मध्य पूर्व क्षेत्र को गहरा प्रभाव पहुंचा है। तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक बाजार प्रभावित हुए हैं। दोनों देशों की रणनीति अलग है – ईरान एसिमेट्रिक वॉरफेयर पर भरोसा करता है, जबकि अमेरिका एयर सुपीरियरिटी पर निर्भर है। सैटेलाइट इमेजरी ने युद्ध की सच्चाई को पारदर्शी बना दिया है।
विश्वास की कमी और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के बिना, युद्ध से कोई भी पक्ष पूरी तरह विजेता नहीं बन सकता। शांति वार्ता और संयम ही इस संकट का समाधान होगा।
