अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस बीच इजरायल भी जंग में दोबारा कूदने की तैयारी में दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सेना ईरान पर हमले के लिए तैयार बैठी है, लेकिन उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरी झंडी का इंतजार है.
इजरायल के सार्वजनिक प्रसारक कान और न्यूयॉर्क पोस्ट की खबरों के अनुसार यरुशलम के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि अमेरिका-ईरान टकराव अगले कुछ दिन जारी रह सकता है. अगर वॉशिंगटन चाहे तो इजरायल भी अमेरिकी अभियान का हिस्सा बनने को तैयार है. एक इजरायली अधिकारी ने कहा, “जरूरत पड़ी तो हम फिर कार्रवाई करेंगे. पहले भी हम अमेरिका के साथ खड़े होकर यह साबित कर चुके हैं.” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कोई भी इजरायल दोबारा युद्ध जैसी स्थिति नहीं चाहता, लेकिन ईरान की गतिविधियों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता.
दूसरी तरफ इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अमेरिका-ईरान सीधे सैन्य संघर्ष में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. सेना का आकलन है कि ईरान भी इजरायल को इस टकराव में घसीटना नहीं चाहता और निकट भविष्य में इजरायल पर किसी बड़े हमले की आशंका कम है. इसके बावजूद सेना को हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि हाल के हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कारोबारी जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब उनके लिए खत्म हो चुका है. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ने बातचीत में काफी समय गंवाया और अब वह आगे वार्ता जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं.
जानकारों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ सकता है. इजरायल की तैयारी और ट्रंप के रुख से साफ है कि क्षेत्र में हालात कभी भी बदल सकते हैं. फिलहाल सभी पक्ष एक-दूसरे की चाल देख रहे हैं.
