अमेरिका की FBI ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करारा दी। इस ऑपरेशन हार्ड बॉल में 1 टन ड्रग्स जब्त कर ली गई। अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में 37 आरोपियों के खिलाफ आरोप लगाए गए। 24 लोग गिरफ्तार कर उनके 50 से ज़्यादा ठिकानों पर छापेमारी हुई। इसमें कोकीन, हेरोइन, हत्या, रंगदारी और नकदी भी बरामद की गई।
ऑपरेशन हार्ड बॉल एक दशक के खुफिया जांच का नतीजा है। इसमें अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने मिलकर काम किया। FBI के अनुसार, यह गैंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स, हत्या और हथियारों की सप्लाई करता था।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम पहले पंजाब की पुलिस फाइलों तक सीमित था। लेकिन अब तक का यह ऑपरेशन उसे वैश्विक स्तर पर एक संगठित अपराध सिंडिकेट बना देगा। गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रमुख घर पाला भारत से लेकर कनाडा, अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ है।
जेल में रहते हुए भी लॉरेंस बिश्नोई ने गैंग का संचालन जारी रखा। उन्होंने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके अपराध संचालित किया। इन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को निशाना बनाकर उनके रिश्तेदारों पर भी दबाव डाला।
ऑपरेशन हार्ड बॉल में सोशल मीडिया का इस्तेमाल गैंग के ताकत का रूप है। इन्होंने ऑनलाइन धमकियां भी चलाईं ताकि लोग रंगदारी देने लगें। 2023 में कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर आरोप लगाए गए।
गैंग का नेटवर्क भारत से स्टार्ट करके अब तक कनाडा, अमेरिका और यूरोप तक पहुंच चुका है। इन देशों में वे ड्रग्स की तस्करी और हत्याकांड करते रहे। FBI के अनुसार, यह गैंग केवल अपराध नहीं करता, बल्कि अपने अपराधों का प्रचार भी करता है।
भारत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की जज्बा मामलों में सामने आई है। पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र की पुलिस ने कई बार गैंग के शूटरों को पकड़ने की कोशिश की।
आमेरिका के साथ कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए इस ऑपरेशन में जग्गू भगवानपुरिया नेटवर्क भी शामिल है। यह सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट बन गया है।
भारतीय एजेंसियों के लिए यह एक नया मौका है। अब उन्हें गहरी खुफिया सूचनाएं और वित्तीय नेटवर्क की जानकारी मिल सकती है। आने वाले समय में संयुक्त जांच और मनी ट्रेल की जांच तेज हो सकती है।
अमेरिकी दस्तावेजों में भारत सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। लेकिन इस कार्रवाई ने भारत-कनाडा और अमेरिका के बीच संबंधों में नया तनाव पैदा किया है।
ऑपरेशन हार्ड बॉल ने सिद्ध किया है कि आधुनिक अपराध की सीमाएं नहीं हैं। गैंग ने जेल में रहकर भी विश्वव्यापी नेटवर्क चलाया। सोशल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए उन्होंने अपराध संचालित किया।
