कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की जॉर्जिया मेलोनी पर की गई टिप्पणी और ‘गले लगने’ को विदेश नीति बताने की बात ने नया मोड़ ले लिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इटली के साथ भारत के मजबूत संबंध हैं और किसी भी बात को आदर के साथ रखा जाना चाहिए.
राहुल गांधी ने गत दिवस एक कार्यक्रम में कहा था कि “पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया कि गले पड़ना ही विदेश नीति है.” इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद सैंडिप दीक्षित के साथ मिलकर गले लगने का नाटकीय प्रदर्शन भी किया. कांग्रेस कन्वेंशन में उनकी यह हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.
सैंडिप दीक्षित ने भी चुटकी लेते हुए पूछा, “मेलोनी समझ कर तो नहीं पकड़ा था…” इस सवाल पर कार्यक्रम स्थल पर ठहाके गूंज उठे. राहुल गांधी ने हँसते हुए जवाब दिया, “नहीं-नहीं, मैं अभी तक वहां नहीं पहुँचा हूँ.” दोनों नेताओं का यह नाटक तेजी से शेयर हो रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान दिया, “भारत और इटली के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं. हम इन्हें और भी मजबूत करना चाहते हैं. किसी भी बात को आदर के साथ रखा जाना चाहिए.” मंत्रालय ने इटली के साथ भारत के गहरे राजनीतिक और आर्थिक ties को फिर से रेखांकित किया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की टिप्पणी को छोटी सोच वाला और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा, “गांधी उपनाम वाले व्यक्ति द्वारा ऐसी शर्मनाक टिप्पणी करना दुखद है. मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा कि कोई विपक्षी नेता इतनी अभद्रता करे.” सिंह ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया.
इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है. कई दलों ने राहुल गांधी के बयान को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया है, जबकि कुछ समर्थक उन्हें बचाव की मुद्रा में देखते हैं. मामला अभी शांत नहीं हुआ है और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं.
