तिब्बत सीमा से आने वाले जल-सैलाब का खतरा: नेपाल में बनी नई झील से NDRRMA ने जारी किया हाई अलर्ट

राहुल शर्मा
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तिब्बत सीमा से आने वाले जल-सैलाब का खतरा: नेपाल में बनी नई झील से NDRRMA ने जारी किया हाई अलर्ट

तिब्बत सीमा से आने वाले जल-सैलाब का खतरा: नेपाल में बनी नई झील से NDRRMA ने जारी किया हाई अलर्ट

नेपाल में एक और खतरनाक स्थिति पैदा हुई है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा पर आई भारी बारिश और बर्फबारी के बाद एक प्राकृतिक बांध बन गया है। इस बांध के ऊपर एक बैरियर झील बन गई है, जिसे “नेपाल बैरियर झील” के नाम से जाना जा रहा है।

NDRRMA ने इस नई झील को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि यह झील 2026 की सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। झील के ओवरफ्लो होने की आशंका है, जिससे नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ आ सकती है।

झील के बनने की वजह 26 अगस्त को आया बाढ़ ही है। उस दौरान पहाड़ों से भारी मात्रा में बर्फ, चट्टानें, मिट्टी और मलबा नीचे आया। मलबे ने नदी के रास्ते को रोक दिया। पानी पीछे जमा हुआ और एक प्राकृतिक बांध बन गया। यह बांध चट्टानों और बाढ़ के मलबे से बना है, जो बहुत मजबूत नहीं है।

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 24 से 27 अगस्त के बीच इस इलाके में पानी जमा हो रहा था। तस्वीरों में पूरा इलाका बाढ़ और मलबे से बदल चुका दिखाई दे रहा है। अब यह प्राकृतिक बांध कमजोर हो रहा है और टूटने का खतरा बढ़ रहा है।

अगर यह बांध टूटता है, तो नीचे की ओर अचानक पानी बहेगा। इससे फिर से तेज बाढ़ आ सकती है। सबसे पहले भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसी वजह से NDRRMA ने भोटेकोशी इलाके में पानी का बहाव फिर बढ़ने की सूचना के बाद नया हाई-अलर्ट जारी किया है।

Trisuli नदी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। NDRRMA ने Trisuli नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है। खतरा सिर्फ झील के आसपास तक ही सीमित नहीं है। ऊपर से अचानक पानी नीचे आता है तो उसका असर आगे के इलाकों में भी पहुँच सकता है।

नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि झील ने अपने किनारे तोड़ दिए हैं। चीनी सरकारी प्रसारक CCTV ने भी बताया कि Gyirong बॉर्डर पोर्ट के ऊपर बनी डैम्ड झील ओवरफ्लो करने लगी है। हालात को देखते हुए नेपाल में कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन भी रोक दिए गए और स्थानीय लोगों को ऊँची जगहों की तरफ जाते देखा गया।

अब सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह कोई मजबूत बांध नहीं है। झील को रोकने वाली दीवार चट्टानों और बाढ़ के मलबे से बनी है। अगर झील में पानी बढ़ता रहा और यह प्राकृतिक बांध कमजोर हुआ, तो वह टूट सकता है। ऐसी स्थिति में झील का पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है। इससे फिर से तेज बाढ़ आ सकती है।

26 अगस्त को आए फ्लैश फ्लड में 400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और अभी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। बाढ़ के बाद भी खतरा टला नहीं है। नई झील ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल सरकार और NDRRMA लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऊँची जगहों पर जाएँ और आपदा प्रबंधन टीम के संपर्क में रहें। चीन और नेपाल के अधिकारी मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

नेपाल में बनी इस नई बैरियर झील को लेकर NDRRMA का अलर्ट 2026 में सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।


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