ईरान-अमेरिका बातचीत को लेकर बड़ा दावा, तेहरान ने रखीं शर्तें—हमले पर जवाब देगा

राहुल शर्मा
3 Min Read
Rate this post

तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार होने की भावना व्यक्त की है। इरान ने अमेरिका को संघर्ष खत्म करने के लिए सभी मोर्चों पर एक समझौते की शर्तें दी हैं। इन शर्तों में जंग खत्म करना, विदेशों में फ्रीज किए गए धन को मुक्त करना और समुद्री नाकाबंदी हटाना शामिल है। सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने बताया कि ईरान मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

तेहरान का मतलब है कि हमले पर जवाब देगा। रेजाई ने संबोधन में कहा, “यदि अमेरिका हमला करेगा, तो हम उसके संगैरियों पर लगातार हमले करेंगे।” इस बातचीत की तैयारी के बीच, इरान ने अमेरिका के समर्थन वाले क्षेत्रीय देशों को भी संघर्ष में शामिल करने का संकेत दिया है।

अमेरिका की तरफ से कुछ राज्यों के समर्थन के साथ नई सैन्य कार्रवाई की तैयारी के बारे में जानकारी मिली है। इस जानकारी के बाद, ईरान ने सख़्त सतर्कता से नज़र रखी है। रविवार को ईरान की सरकारी मीडिया ने केंद्रीय सैन्य कमान के हवाले से कहा कि अमेरिका कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

इस बीच, रियाद में हुई धमाके के बाद सऊदी अरब में ‘हवाई खतरे’ का अलर्ट जारी कर दिया गया था। मोसाद के एक जासूस ने ईरान में फांसी के आरोपों के साथ मिसाइल ठिकानों की लीक की जानकारी भी दी थी। इन सवालों के बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की दिशा में कदम डालने की ठोस शर्तें सुलझाई हैं।

पेंटागन के अनुसार, युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत का संख्या ईरान के गिनते से कहीं अधिक है। लेकिन तेहरान ने इसे खाराप गिनती के रूप में डाल दिया है। रेजाई ने कहा कि ईरान सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध समाप्त करने में मदद करना चाहता है। इसके अलावा, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को भी खत्म करने में ईरान अपना समर्थन देगा।

मध्यस्थ देशों के साथ बातचीत की योजना और सैन्य चेतावनियों का संगम इस युद्ध के अगले चरण को आमने-समने ले जा रहा है। अमेरिका के प्रमुख जालेश मोडी ने पहले ही कहा है कि वे युद्ध से बचना चाहते हैं। लेकिन तेहरान की शर्तें अमेरिका के बीच में एक बड़े सवाल पैदा कर रही हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *