नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026 — ‘एक देश एक चुनाव’ बिल इस संसद के मॉन्सून सत्र में पेश नहीं होगा। आरम्भ से ही इसकी चर्चा हुई थी, परंतु सरकार ने सूचित किया कि यह विधेयक इस सत्र में नहीं आ रहा।
विधेयक की जाँच पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। समिति को अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सौंपनी होगी। इस समय तक यह रिपोर्ट मौजूदा सत्र में पेश नहीं होगी।
इसका मतलब है कि ‘एक देश एक चुनाव बिल’ की आगे की प्रक्रिया शीतकाल 克 सत्र में ही आगे बढ़ेगी। समिति की रिपोर्ट के आकलन के बाद ही बदला आने वाले संशोधनों पर मतदान और चर्चाएँ होंगी।
स्रोत: संसद के अंदरूनी मामलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि बजट और विधेयक के काम में ढेर सारी चुनौतियाँ हैं, इसलिए समय बखूबी तय करना सरोमरण है।
