ईरान ने यूक्रेन के तीन ठिकानों पर हमला करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन कीव की तरफ से आई कथित ‘माफी’ के बाद यह योजना रोक दी गई। ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और आईआरजीसी के पूर्व कमांडर मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने इस दावे को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमला तय था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। ईरानी प्रेस टीवी के मुताबिक, रेजाई ने कहा कि इस जवाबी कार्रवाई का फैसला कैस्पियन सागर में एक ईरानी पोत पर 25 जुलाई को हुए कथित यूक्रेनी हमले के बाद ले लिया गया।
हमले में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई थी। ईरान ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने इस पोत को निशाना बनाया था, जिसका इस्तेमाल ईरान और रूस के बीच सैन्य सामान ले जाने के लिए किया जाता था। ईरान ने इस कद्यूति को आक्रामक कदम बताया और कहा था कि उसका जवाब दिए बिना नहीं छोड़ा जा सकता।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 28 जुलाई को फोन पर बातचीत हुई। कार्यवाहक विदेश मंत्री आंद्री सिबीहा और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मुद्दे पर वार्ता की। अराघची ने कहा कि यूक्रेन ने हमले को अनजाने में हुआ बताया और तेहरान आगे तनाव नहीं बढ़ाना चाहता। वहीं, सिबीहा ने दावा किया कि उनकी ईरानी समकक्ष से साफ बातचीत हुई और यूक्रेन की सभी कार्रवाइयों का मकसद सिर्फ अपने देश की रक्षा करना है, किसी नागरिक पोत या लोगों को निशाना नहीं बनाना।
यूक्रेन और ईरान के रिश्ते 2022 से तनाव में हैं, जब तेहरान ने रूस को शाहेद ड्रोन देना शुरू किया और बाद में रूस में उनके उत्पादन की अनुमति दी। इस पृष्ठभूमि में रेजाई के दावे को देखकर लगता है कि ईरान ने यूक्रेन पर हमले की तैयारी की थी, जो ‘माफी’ के बाद रोक दी गई। हालांकि, इस दावे पर यूक्रेन की तरफ से अभी तक सार्वजनिक पुष्टि नहीं आई है।
घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिखा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सिर्फ अपने हित सुरक्षित करने के लिए कदम उठा रहा है, जबकि यूक्रेन ने इसे अपने स्वरक्षण के एक हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच और भी बातचीत हो सकती है।
