सऊदी अरब ने हूतियों के हमले का जवाब देते हुए 24 घंटे के भीतर यमन के चार प्रांतों में 32 एयर स्ट्राइक किए हैं। हूती प्रवक्ता नसरुद्दीन आमेर ने एक्स पर दावा किया कि सऊदी समर्थित यमन की सेना ने ताइज, होदेदा, जौफ और मरीब में रात भर हमला किया। यह कार्रवाई हूतियों द्वारा सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों और सार्वजनिक उपयोगिता केंद्रों पर किए गए हमलों के एक दिन बाद हुई है, जिसमें 73 लोग घायल हुए थे।
सऊदी समर्थित सेना का कहना है कि उन्होंने ताइज के तोइल और अल‑बारा मोर्चों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई की है और उनके ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। अल‑अरबिया और अल‑हदाथ के अनुसार यमनी सरकारी बलों ने दक्षिणी मारिब के साथ‑साथ उत्तरी और दक्षिणी सेक्टरों में कई जगहों पर कब्जा कर लिया है। लड़ाई के दौरान तोपें चलीं, हवाई हमले किए गए और भारी झड़पें हुईं।
इन हमलों में अभी तक किसी नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इन चार प्रांतों में सऊदी समर्थित सेना की कार्रवाई को बड़ी जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
पिछले कुछ हफ्तों से हूती और सऊदी समर्थित सेना के बीच झड़पें तेज हो गई थीं, जिससे यमन के गृहयुद्ध में चार साल से चल रहा युद्धविराम टूट गया है। अब दोनों पक्ष छोटी झड़पों से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर हमलों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे नागरिकों पर असर पड़ने और क्षेत्रीय सुरक्षा में खतरा बढ़ने की आशंका है।
बाब अल‑मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर कोई रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मार्ग से दुनिया के व्यापारिक तेल का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है, इसलिए तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी दूतावास यमन ने कहा कि देश की “वैध” सरकार अपने लोगों की रक्षा करने और हूतियों की आतंक फैलाने की क्षमता को समाप्त करने का अधिकार रखती है। दूतावास ने यह भी जोड़ा कि सऊदी अरब को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है। संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने हूतियों के सऊदी पर किए गए हमलों की निंदा की है।
यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने चेतावनी दी है कि हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों से टकराव बढ़ सकता है, आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा हो सकता है और राजनीतिक समाधान की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते खुले रखने की अपील जारी है, लेकिन मैदान में तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
