घर में खुला पीजी कानूनी? दिल्ली में नए पेइंग गेस्ट नियमों की जानकारी

राहुल शर्मा
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दिल्ली में घर में पीजी (PG) खोलना अब आसान नहीं होगा। सरकार ने पीजी आवासों को लेकर नए नियम बनाने की तैयारी कर रही है। जानिए कि अगर आप भी अपने घर में पीजी चलाते हैं या चलाना चाहते हैं तो क्या नियम आपके साथ हैं जारी।

दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में पीजी मॉडल तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपने घर के हिस्सों में कुछ लोगों को रखकर आय हासिल कर रहे हैं। घर में एक फ्लोर खाली हो या कोई कमरा खाली रहे, लोग इसे पीजी के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन सत्य निकेतन की घटना के बाद से दिल्ली में पीजी पर नियंत्रण कम कर रहा है।

अब दिल्ली सरकार ने पीजी आवासों को लेकर “पेइंग गेस्ट एकॉमोडेशन रेगुलेशन एंड वेलफेयर बिल” पेश किया है। इस नए बिल के अंदर पीजी के पंजीकरण, किराया, सुरक्षा और शिकायतों के नियम बनाने का प्रस्ताव है। अगर आप बड़े स्केल पर पीजी चलाते हैं तो आपको इसका रजिस्ट्रेशन जरूर करवाना होगा।

पीजी संचालकों को 90 दिनों के भीतर ज़ोन अथॉरिटी से ऑपरेटिंग लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए पुलिस, नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से जरूरी एनओसी लेने का प्रावधान प्रस्तावित है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर पीजी को एक यूनिक पीजी रजिस्ट्रेशन नंबर (PGRN) दिया जाएगा। इससे अधिकारियों और छात्रों के लिए किसी पीजी की पहचान और उसकी वैधता जांचना आसान होगा।

नए नियमों के अनुसार, जिन पीजी में 15 से ज्यादा लोग रहते हैं उन्हें सीसीटीवी की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही गार्ड और वार्डन की व्यवस्था करनी होगी। इसका मतलब है छोटे पीजी वालों को इन नियमों से दूर रह सकते हैं, जबकि बड़े पीजी वालों को इनकी पालना करनी होगी।

पीजी से मिलने वाली कमाई को लेकर टैक्स इकाइयों ने अलग मानदंड बताए हैं। अगर आप घर में 1-2 कमरों में लोग रख रहे हैं तो आपको आयकर के तहत इसे नॉर्मल घर किराए की तरह डील करना होगा। लेकिन अगर आप एक बड़े पैमाने पर पीजी चलाते हैं तो आपको जीएसटी वाले सिस्टम में घुसना होगा।

दिल्ली सरकार का मानना है कि ये नए नियमों से पीजी आवासों की स्थिति बेहतर होगी। साथ ही ये सुनिश्चित करेगा कि लोगों के घर में रहने की व्यवस्था सुरक्षित रहेगी। अगर आप पीजी चलाते हैं तो जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए। अन्यथा आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

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