केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच एक निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन ने दो जिंदगियां छीन लीं। हादसे में आठ लोग घायल हुए हैं। घटना रविवार को काल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई। यहां कोझिकोड और वायनाड को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग सड़क परियोजना का काम चल रहा था। लगातार बारिश से जमा मिट्टी का विशाल ढेर अचानक ढह गया। मलबे के सैलाब ने सड़क पर मौजूद गाड़ियों और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे के कई खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक फुटेज में दिख रहा है कि कैसे दलदली मलबा तेजी से बहते हुए पुल और सड़क की ओर बढ़ रहा है। लोग जान बचाने के लिए बदहवास भाग रहे हैं। एक शख्स चिल्ला रहा है, ‘भागो-भागो, जल्दी भागो!’ इसी अफरातफरी के बीच एक टैंकर ट्रक मलबे के साथ बहता हुआ दूसरी ओर पहुंच गया। यह टैंकर कई लोगों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बन गया। वीडियो में एक महिला टैंकर के नीचे से निकलकर बचती दिख रही है। जहां टैंकर रुका, मलबा भी वहीं थम गया। टैंकर के पास खड़ी एक जीप से टकराने के बाद एक शख्स और महिला दोनों मिट्टी से लथपथ बाहर निकले, मगर उनकी जान बच गई।
भूस्खलन की चपेट में मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक निजी बस भी आ गई। बस पास की नदी में जा गिरी और आधी पानी में डूब गई। पूरा पुल और आसपास का इलाका मोटी मिट्टी की परत से ढक गया। मलबे के साथ कई पेड़ उखड़ गए और लोहे-कपड़े के बैरिकेड भी बह गए।
राज्य के जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, प्रभावित इलाके से आठ लोगों को सुरक्षित निकालकर मेप्पाडी स्थित WIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में हीरा कुमार, दिलीप, सूरज यादव, संजय ठाकुर, रजनीश, तनमय घोष, कूपामल (जया), कुंजू और संतोष कुमार शामिल हैं। सभी को जरूरी इलाज दिया जा रहा है और हालत पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर शुरू किया है। एहतियातन लोगों को घरों से निकालकर यहां पहुंचाया जा रहा है। पुलिस और NDRF की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं। मलबे के नीचे किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी जारी है। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
यह परियोजना पिछले साल शुरू हुई थी। भारी बारिश के चलते निर्माण स्थल पर जमा मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक ढहने से यह हादसा हुआ। वायनाड में पिछले साल भी ऐसी ही तबाही मची थी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
