अभिषेक बनर्जी के वह ‘अवैध’ दफ्तर अब खाली जमीन बन गया है और इस पर बुलडोजर ने तीखा प्रहार किया।
कोलकाता के दक्षिण 24 परगना में स्थित इस पाँच मंजिला इमारत को ढहाने के लिए तीन JCB मशीनें लगाई गईं।
स्थानीय प्रशासन ने पहले कई नोटिस जारी किए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए शनिवार को demolition की कार्रवाई शुरू की गई।
बुलडोजर की आवाज़ सुनते ही क्षेत्र में बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई और दोनों भाजपा तथा TMC के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया और लोगों को दूर रखा।
इमारत को अवैध निर्माण घोषित करने के पीछे कई कारण बताए गए, जिसमें बिना अनुमति के बनाया जाना और दस्तावेज़ न मिलना शामिल है।
वहीं, इस कार्रवाई को लेकर सियासी ताप तेज़ हो गया है और विपक्षी दलों ने इसे ‘political vendetta’ करार दिया है।
सांसद अभिषेक बनर्जी के इस ठिकाने को गिराने का कदम राज्य के चुनावी माहौल में और भी गहरा गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज़ हो गई है।
कुंडली के अनुसार, इस इमारत पर 17 संपत्तियों के नोटिस पहले ही जारी हो चुके थे, जिनमें से एक में परिवार के घर ‘शांतिनिकेतन’ का नाम भी शामिल था।
