राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी मिल गई, जबकि FIR दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया।
बैठक में 14 सदस्य थे, उनमें से 9 ने भाग लिया, जबकि बाकी ऑनलाइन जुड़े। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि जो पाप से जुड़ा है, उसे सजा दिलाई जाएगी।
कई सदस्यों ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के विरोध में आवाज उठाई, जिससे बैठक में गंभीर माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है और इस मुद्दे पर उन्होंने साफ रुख बताया।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इस मामले में गैंग की ओर इशारा किया और कहा कि जनता के गुस्से से डरा हुआ है।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा की गई, जिसमें दान चोरी की बात सामने आई। अब तक कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ, लेकिन इस्तीफे को मंजूरी देने की तैयारी की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस जल्द ही होगी, जिसमें ट्रस्ट के फैसलों की जानकारी दी जाएगी।
