कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा के हत्याकांड में उनके बेटे सुब्रत का कुबूलनामा अब सार्वजनिक हो रहा है। पुलिस पूछताछ के दौरान सुब्रत ने वीडियो में कहा कि उसे अपने पिता की हत्या का मलाल नहीं है, बल्कि चाकू से गोदकर मारने का दुख है। इस वीडियो ने मामले में नई जानकारी दी है और पुलिस अब इसे गंभीरता से ले रही है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुब्रत ने हत्या की पूरी कहानी सुनाई और अपनी भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें लगा कि अब उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी, तो करीब सुबह 4 बजे उन्होंने हत्या की जिम्मेदारी लेने का विचार किया।
इस वीडियो में सुब्रत ने बताया कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई और किस तरह पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस कमिसर रघुवीर लाल ने कहा कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं बल्कि बेहद शातर तरीके से रची गई एक गहरी साजिश थी।
सब्रत ने अपनी पत्नी शालू के साथ भी टकराव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी को इस मामले में घसीटे जाने पर उन्हें पछतावा भी जाता है। पुलिस ने शालू की भूमिका की गहराई से जांच शुरू की है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की है। विशाल नामक नौकर ने अपने बयान में सुब्रत के बारे में बदलाव किया है। उनके अनुसार, सुब्रत ने उनसे कहा था कि अगर वे पकड़े जाएं तो शालू का नाम ले लेना। विशाल ने यह भी दावा किया कि हत्या से पहले सुब्रत ने उससे फोन पर बात की थी और वारदात को इस तरह अंजाम देने की बात कही थी कि मामला हत्या के बजाय प्राकृतिक मौत जैसा लगे।
संपत्ति का एंगल भी जांच में शामिल है। विशाल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि विनीत मिनोचा के कुछ महिलाओं से संबंध थे और वह उन पर लाखों रुपये खर्च करते थे। दूसरी ओर, सुब्रत को सीमित खर्च के लिए पैसे मिलते थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या संपत्ति और आर्थिक कारण हत्या की साजिश से जुड़े थे।
पुलिस ने बताया कि शालू को इस मामले में परेशानी का सामना करना पड़ा। पूछताछ के दौरान सुब्रत ने कथित तौर पर कहा कि शुरुआत में उसे लगा था कि पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार कर लेगी। बाद में उसे पता चला कि विशाल ने अपने बयान में उसका नाम नहीं लिया है, जिससे उसे असमंजस महसूस हुआ।
अंतिम संस्कार के दौरान सुब्रत ने अपनी दादी के गले लगकर रोया और अपनी माँ को सांत्वना दी। पुलिस के अनुसार, जांच अभी भी जारी है और किसी भी आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सभी सबूतों की जांच के बाद ही निकाला जाएगा।
