वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। इस बजट में कई बड़े फैसले हुए हैं जो आम जनता से लेकर बाजार के निवेशकों तक को प्रभावित करेंगे। खासकर शेयर बाजार में एफएंडओ ट्रेड करने वालों के लिए यह बजट झटके वाला रहा। वहीं, बुनियादी ढांचे पर सरकार ने रिकॉर्ड खर्च का ऐलान किया है।
सबसे पहले बड़ी खबर शेयर बाजार से। फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडर्स पर सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है। फ्यूचर्स ट्रेड पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया। ऑप्शंस ट्रेड पर यह टैक्स 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डे ट्रेडर्स को नुकसान हो सकता है।
दूसरी बड़ी घोषणा विदेश यात्रा करने वालों के लिए राहत की है। अब विदेशी टूर पैकेज या पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस (TCS) की दर घटाकर 2% कर दी गई है। पहले यह दर 5% से 20% तक थी जिससे लोगों को परेशानी होती थी।
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देते हुए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाने का फैसला किया है। 2026-27 के लिए कैपेक्स का लक्ष्य 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। यह पिछले साल के मुकाबले साढ़े चार गुना ज्यादा है। इससे रोजगार बढ़ने और अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
राजकोषीय घाटे को लेकर सरकार ने स्थिरता दिखाई है। अगले वित्त वर्ष के लिए घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3% रखा गया है। इस साल यह 4.4% रहने का अनुमान है। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए क्रेडिट गारंटी की सुविधा दी जाएगी।
कंपनियों द्वारा शेयर बायबैक पर नया टैक्स नियम लागू होगा। अब बायबैक से मिली रकम को कैपिटल गेन्स माना जाएगा और उस पर शेयरधारकों को टैक्स देना होगा। उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और बायो-फार्मा योजना शुरू की जाएगी। रेयर अर्थ मैग्नेट्स के लिए भी विशेष पैकेज दिया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। इससे इलाज की लागत कम होगी। विदेश में संपत्ति रखने वालों के लिए एकमुश्त प्रकटीकरण योजना लाई गई है। छह महीने तक छोटे करदाता बिना कानूनी डर के अपनी विदेशी संपत्ति घोषित कर सकेंगे।
मछली पकड़ने वाले समुदाय को भी राहत मिली है। अब भारतीय जहाजों द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में पकड़ी गई मछलियों पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास का भी प्रस्ताव है।
बजट 2026-27 में युवाओं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एफएंडओ पर टैक्स बढ़ने से बाजार में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन कैपेक्स बढ़ने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
