अतीक अहमद का बेटा उमर 2027 चुनाव को लेकर चर्चाओं ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। छोटे भाई अबान की मौत के बाद अंतिम संस्कार में उमर की मौजूदगी और AIMIM नेताओं से मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को बल दिया है।
अंतिम संस्कार के बाद जब उमर और अली भाई वापस लौट रहे थे, तब मस्जिद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान उमर ने पार्टी के लिए सलाम और पैगाम भेजा। शौकत अली ने बताया कि अतीक परिवार आज भी AIMIM से जुड़ा हुआ है, लेकिन चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
समाजवादी पार्टी की नेता पल्लवी पटेल ने भी प्रयागराज पहुंचकर अतीक के परिवार से मुलाकात की। उनके डॉ. सोनेलाल पटेल से पुराने संबंध होने की वजह से अटकलें हैं कि अपना दल (कैमरावादी) भी उमर को चुनावी मौका दे सकता है। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
सबसे ज्यादा चर्चा प्रयागराज पश्चिम सीट को लेकर है, जो अतीक परिवार का पारंपरिक गढ़ रही है। अतीक ने 1989 से 1993 तक इस सीट से चुनाव जीते, इसके बाद 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की। 2002 में अपना दल के टिकट पर फिर जीत हासिल की। इस सीट का इतिहास परिवार के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख को देखते हुए अतीक परिवार फिलहाल कोई बड़ा जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा है। विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर कोई भी फैसला लेने से पहले परिवार और संबंधित दल अभी इंतजार कर रहे हैं। अभी तक किसी भी पार्टी या उम्मीदवार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में उमर की पकड़ और परिवार का पुराना जनाधार 2027 को दिलचस्प बना रहा है। चाहे AIMIM का साथ हो या सपा-अपना दल का गठजोड़, अंतिम फैसला कब और किस सीट से होगा, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
