दक्षिण चीन सागर चीन निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में यागोंग द्वीप पर तीन रहस्यमयी ढांचे दिखाई दिए हैं, जिनको लेकर एक्सपर्ट रडार या निगरानी केंद्र की शंका कर रहे हैं।
यागोंग द्वीप पैरासेल द्वीप समूह का हिस्सा है और यह एंटीलोप रीफ से करीब 14 किलोमीटर दूर पर स्थित है।
तीनों ढांचे अलग-अलग साइज़ के हैं और उनकी बनावट पहले के रडार स्टेशनों जैसी दिखती है।
निर्माण का काम मार्च और अप्रैल 2026 के आसपास शुरू हुआ था। 7 जून और 17 अगस्त की तस्वीरों में इनमें विकास दिखाई दिया है।
एंटीलोप रीफ पर चीन पहले ही लगभग 6 किलोमीटर लंबा कृत्रिम द्वीप बना चुका है, जिसका इस्तेमाल संभावित रनवे के लिए किया जा सकता है।
चीन का कहना है कि एंटीलोप रीफ पर बने ढांचे मौसम की जानकारी, मछली पालन और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए हैं। यागोंग द्वीप पर हुए नए निर्माण के बारे में चीन के रक्षा मंत्रालय ने अभी कोई जवाब नहीं दिया।
दक्षिण चीन सागर एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है और इस पर चीन के अलावा वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी दावा करते हैं। पैरासेल द्वीप समूह पर चीन का नियंत्रण 1974 से है।
एक्सपर्ट डेमियन सायमन ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ये ढांचे पक्का रडार स्टेशन हैं या केवल निगरानी केंद्र। सिंगापुर के कॉलिन कोह ने भी रडार स्टेशन होने की संभावना जताई है।
आने वाली सैटेलाइट तस्वीरों से इस निर्माण के बारे में और जानकारी मिल सकती है। अभी यह कहना मुश्किल है कि ये सिर्फ निगरानी के लिए बनाए जा रहे हैं या आगे यहां सैन्य सुविधाएं भी बनेंगी।
