कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर एक सवाल पर जवाब दिया। सवाल था कि क्या खड़गे को अपनी ही पार्टी में शुद्धिकरण के मुद्दे पर वह समर्थन मिला है जिसकी उन्हें उम्मीद थी। राहुल ने कहा कि अधिकांश कांग्रेस नेताओं ने खड़गे का समर्थन किया है।
राहुल गांधी ने खड़गे के हाल्द्वानी कार्यक्रम के दौरान उनके मंच के शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ खड़गे से जुड़ा नहीं है बल्कि देश के हर गरीब और दलित व्यक्ति से जुड़ा है।
राहुल ने कहा, “अगर कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ खुलेआम ऐसा व्यवहार हो सकता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूलों में छोटे दलित बच्चों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।” उन्होंने बताया कि कांग्रेस खड़गे के साथ-साथ देश के हर दलित बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आवाज उठा रही है।
उन्होंने कहा कि छुआछूत एक अपराध है और सरकार को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। राहुल ने बताया कि गांवों के साथ-साथ शहरों में भी दलितों के साथ भेदभाव होता है। कुएं से पानी लेने पर रोक और चाय की दुकानों पर अलग कप देने जैसे उदाहरण उन्होंने दिए।
राहुल गांधी का कहना है कि बीजेपी उत्तराखंड ने शुद्धिकरण जैसी गतिविधि का समर्थन करके गैर-कानूनी काम किया है। उनका कहना है कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री या मायावती कुछ भी बोलें, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।
इस मुद्दे पर राहुल का कहना है कि कांग्रेस की लड़ाई इस विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर दलित बच्चे से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक के लिए खड़ी है।
वहीं कांग्रेस ने खड़गे के मंच के शुद्धिकरण करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश प्रधानमंत्री से देने की मांग की है। साथ ही रक्षाबंधन पर पीएम मोदी, सीएम योगी और राहुल गांधी ने बधाई दी है।
