ङ ара और बड़ों: ऑपरेशन सिंदूर की जाक-चिसळ जिसने दुनिया को झुकाया

राहुल शर्मा
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ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना के चीफ टॉपर्स के बीच गुप्त गठबंधन और पैकिस्तान हमले के वार्ता

ऑपरेशन सिंदूर की गुप्त जंग ने दुनिया को झुकाया। 6 मई 2025 की शाम को भारतीय सेना के चीफ टॉपर्स ने पैकिस्तान पर एक गुप्त हमला किया। एयर फोर्स चीफ एपी सिंह ने अपनी बेटी दामाद को घर ले जाकर सेना के बेटी को भेज दिया और खुद को बेटी के साथ बड़ौदा जाने के लिए भेज दिया।

इस ऑपरेशन की गोपनीयता इतनी अधिक थी कि केवल एक ही व्यक्ति को हमले का पता था। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बताया कि उन्हें 6 मई की सुबह ही पता चला कि आज रात को हमला होगा। उन्होंने कहा कि इसे खोलना मत, कमांडर को दे देना।

ऑपरेशन सिंदूर नॉर्दन कमांड के जनरल ऑफिसर राजीव घई के नेतृत्व में आया था। यह ऑपरेशन सेना की सबसे महत्वपूर्ण कमांडों में से एक थी, जिसका काम पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा और चीन के साथ सीमा सुरक्षा की निगरानी करना था।

6 मई की रात को लगभग 1 बजे को हमला हुआ। इस समय सरप्राइज एलिमेंट सबसे अधिक प्रभावी था। DGMO राजीव घई ने कहा कि उन्हें पता था कि हमला किसी रात को होगा और उन्होंने 14 दिनों की तैयारी की थी।

ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के तीनों चीफ—उपेंद्र द्विवेदी, एयर चीफ अमर प्रीत सिंह और नेवी चीफ डिनेश त्रिपाठी—ने ऑपरेशन रूम में मिलकर काम किया। सभी ने लाइव फीड्स देखी और स्ट्राइक के लिए तैयारी की थी।

ऑपरेशन सिंदूर की कहानी 15 अगस्त को डिस्कवरी चैनल पर डॉक्यूमेंट्री ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाई गई। इसमें तीनों चीफ और डिफेंस एक्सपर्ट्स के प्रत्यक्ष अनुभव शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की सहनशीलता को कमजोरी समझने की गलती नहीं देखी।

ऑपरेशन के बाद कई विशेषज्ञों ने इसे गहराई से समझाया। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा कि उन्हें 6 मई की सुबह ही पता चला कि आज रात को हमला होगा। उन्होंने बताया कि वे 10:30 बजे के आसपास मिलेंगे।

ऑपरेशन के दौरान बेटी-दामाद आ गए और उन्हें साउथ ब्लॉक पर ड्रॉप किया गया। ऑपरेशन के समय सेना के तीनों चीफ ऑपरेशन रूम में थे। कर्नल आशीष उप्रेती ने कहा कि रात 11:30 बजे के करीब स्ट्राइक होने वाली थी।

पाकिस्तान में 9 ठिकानों पर हमला किया गया जहाँ आतंकवादी मुरीदके और बहावलपुर प्रमुख थे। इस ऑपरेशन के बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में आक्रमण किया और वहाँ आतंकवादियों को दफन कर दिया।

यह ऑपरेशन भारतीय सेना की संवेदनशील नॉर्दन कमांड के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ था। इस ऑपरेशन की सफलता से दुनिया भी इसे देखकर आश्चर्य से देखी।


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