रांची में छात्रों ने विधानसभा मार्च के दौरान पहला बैरिकेड तोड़ दिया और चार और बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़े।
सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा के पास छात्र जमा हुए और शांतिपूर्वक नई विधानसभा तक मार्च शुरू किया।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर छात्रों को रोकने की कोशिश की, पर वे उसे पार कर गए।
प्रदर्शन में दो हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे, धारा 163 लागू थी और पांच जगहों पर बैरिकेड लगाए गए थे।
सरकार ने कहा कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं, जिसमें जेपीएससी 14वीं पीटी और जेएसएससी एसीएफ परीक्षा रद्द करना, टीडीपीएल की जांच और सुधार समिति बनाना शामिल है।
लेकिन छात्रों ने सीबीआई जांच की मांग पर समझौता नहीं किया और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे।
बीजेपी ने सीएम आवास का घेराव किया, कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद आदित्य साहू शामिल हैं।
छात्रों ने पोस्टर पर लिखा- ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’।
जेपीएससी के तीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने इस्तीफा दे दिया।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी उग्र प्रदर्शन में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
सुरक्षा के लिए शहर के सीएसपी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई रोक नहीं, पर हिंसा पर कड़ी कार्रवाई होगी।
रांची छात्र प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा की और प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
