दिल्ली में CJP का ‘चलो संसद’ मार्च: जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई 2026 को संसद भवन तक मार्च का आह्वान किया। पार्टी NEET पेपर लीक, अन्य परीक्षा घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘चलो संसद’ मार्च आयोजित कर रही है। मार्च के समर्थन में छात्र, प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवार और उनके परिवार के सदस्य 19 जुलाई की शाम से ही जंतर-मंतर पर एकत्रित होने लगे।
संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर इस बड़े आंदोलन के कारण दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। पुलिस ने नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) भी लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, विरोध प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने या धरना देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। केवल जंतर-मंतर पर, पूर्व अनुमति के साथ, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है। इसमें दिल्ली पुलिस की दो परतें और अर्धसैनिक बल की एक परत शामिल है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें चौबीसों घंटे स्टैंडबाय पर हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां भी तैनात की गई हैं।
मार्च के दौरान तनाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की के बाद रैपिड एक्शन फोर्स ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। कॉक्रोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया गया। दास ने कहा कि उनकी सरकार के साथ बातचीत चल रही है। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्रों ने जंतर-मंतर पर 23 दिनों की भूख हड़ताल के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
मार्च की मुख्य मांगें अभी भी बनी हुई हैं। CJP मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है: NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही; केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; और देश में बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में देरी के खिलाफ कार्रवाई।
सोनम वांगचुक, जो प्रदर्शन के दौरान भूख हड़ताल पर थे, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके महत्वपूर्ण संकेत स्थिर हैं, लेकिन लगातार उपवास के कारण उनके रक्त परीक्षण में कुछ उतार-चढ़ाव है, जिसके लिए लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली उच्च न्यायालय का फिर से रुख किया है और अस्पताल बदलने की मांग की है।
इस बीच, कई प्रमुख हस्तियों ने CJP प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। अरुंधति रॉय, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और अर्थशास्त्री जयती घोष जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने प्रदर्शनकारियों से अपना अनशन तुरंत समाप्त करने की अपील की है, लेकिन उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया है।
दिल्ली पुलिस ने सभी नागरिकों से कानून का सम्मान करने और किसी भी अनधिकृत मार्च में शामिल न होने की अपील की है। जो भी व्यक्ति इन निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
