CJP आंदोलन समाप्त: सरकार ने मान ली 3 प्रमुख मांगें, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और एफआईआर वापसी सहित लिखित गारंटी दी

राहुल शर्मा
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CJP के 37 दिवसीय जंतर-मंतर आंदोलन को सरकार की तरफ से तीन प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली जाने के बाद अंतिम मोड़ मिल गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की वापसी और आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की सरकारी गारंटी पर आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। यह समाचार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हटने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

CJP आंदोलन वापस लिया सरकार मांगें स्वीकार – इस शीर्षक पर चर्चा अब संपूर्ण देश में हो रही है। सोलह जून को शुरू हुआ यह आंदोलन 37 दिनों तक जारी रहा, जिसमें हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका जैसे CJP नेताओं के बीच तीन दौर की वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों पर सहमति बनी।

CJP की मुख्य तीन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी एफआईआर वापस लेना और नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या कर चुके अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल था। सरकार ने इन तीनों मांगों को स्वीकार किया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन को सद्भावना के आधार पर वापस लिया जा रहा है और सरकार को तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत शर्तें लागू करने की उम्मीद है।

CJP ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग भी उजागर की थी। सौरव दास के मुताबिक, सरकार ने इस मांग को भी पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में लगभग 15 से 20 एफआईआर दर्ज हुई थीं और इनकी प्रतियां तीन से चार दिनों के भीतर CJP को उपलब्ध कराई जाएंगी। यह फैसला सिर्फ दिल्ली की चौखट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में भी इसी तरह के मामलों पर लागू होगा।

शिक्षा सुधारों को लेकर CJP ने सरकार को एक पांच बिंदुयुक्त चार्टर भी सौंपा था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने यह बताया कि सरकार इस चार्टर का गहन अध्ययन करेगी और CJP के प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे विस्तृत चर्चा जारी रखेगी। सूत्रों के हिसाब से इस मुद्दे पर लगभग चार सप्ताह बाद दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक हो सकती है। CJP को एफआईआर वापस लेने और भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन भी मंगवाया था, जिस पर सरकार ने मंगलवार तक लिखित गारंटी देने का भरोसा दिया है।

नीट से जुड़े आत्महत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार ने हर नियम के तहत अधिकतम संभव सम्मानजनक मुआवजा देने पर सहमति जताई है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने नीट लीक मामले में चल रहे आत्महत्या के मामलों के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार द्वारा दी गई सभी वादों को निर्धारित समयसीमा में पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त करने का यह फैसला अंतिम माना जाएगा।

इस पूरे मामले को देखते हुए यह स्पष्ट है कि CJP आंदोलन वापस लिया सरकार मांगें स्वीकार – यह श्रेणी छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक सफलता साबित हो सकती है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की लिखित गारंटी के बीच सीजेपी के फैसले ने देश भर में व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। अब बाकी मुद्दों पर सरकार और CJP के बीच समयबद्ध तरीके से चर्चा जारी रहनी होगी और अगली बैठक के माध्यम से दूरी के मुद्दे पर भी स्पष्टता आने की उम्मीद है।

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