अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर घटना हुई है. अयोध्या मेडिकल कॉलेज बम मामले में शनिवार सुबह कॉलेज के एक्स-रे रूम की एक दराज से बम बनाने का लेआउट और तरीका लिखा हुआ एक संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुआ है.
कॉलेज के एक्स-रे विभाग के इंचार्ज सुबह ड्यूटी पर पहुँचे तो उन्हें दराज में एक कागज मिला. कागज पर बम बनाने की विधि और लेआउट बना हुआ था. उन्होंने तुरंत कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह को सूचना दी. डॉ. सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को फोन किया.
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को हिरासत में ले लिया है. मुख्य संदिग्ध सरफराज (बलरामपुर जिले का निवासी) है, जो कॉलेज के पहले वर्ष का छात्र और शुक्रवार रात एक्स-रे रूम में ड्यूटी पर था. पुलिस ने अस्पताल परिसर से अभिषेक और संतोष नाम के दो अन्य लोगों को भी पकड़ा है.
जाँच में पता चला है कि सरफराज के साथ शुक्रवार रात दो अन्य युवक भी मौजूद थे. पुलिस उनसे यह पता लगा रही है कि क्या उन्हें इस दस्तावेज के बारे में पहले से जानकारी थी और उनकी इस मामले में क्या भूमिका है. सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि कॉलेज प्रशासन पुलिस की जाँच में पूरा सहयोग कर रहा है.
अयोध्या पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ हर पहलू की जाँच कर रही हैं. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी छात्र की गंभीर साजिश है या किसी ने माहौल बिगाड़ने या शरारत के उद्देश्य से ऐसा किया है. घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके.
