FSSAI ने पान मसाले की पैकिंग पर नया नियम लागू किया है। अब पान मसाले को प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल या मेटलाइज्ड लेयर में पैक नहीं किया जा सकता। कंपनियों को कागज, पेपरबोर्ड या टिन के डिब्बे में ही पैकिंग करनी होगी। यह नियम 10 अगस्त को जारी हुआ और तुरंत लागू हो गया है।
दिल्ली में रेस्टोरेंट और होटलों को हाइजीन ग्रेडिंग से A से D तक दिया जाएगा। स्कूलों के मिड डे में इडली सांबर जैसे नए पकवान शामिल होंगे। दिल्ली नगर निगम ने न्यूयॉर्क शहर की तरह हॉटेल रेस्टोरेंट को भी हाइजीन ग्रेडिंग दिलाई है।
हरियाणा ने मोबाइल लैब शुरू की जिससे लोग ₹20 में खाने की जांच करवा सकते हैं। इस तरह की कदमों से खाद्य सुरक्षा की चिंताएं कम हो रही हैं।
नकली पनीर पर भी कड़ी कार्रवाई हो रही है। महाराष्ट्र FDA के अनुसार 308 सैंपल में से 109 नियमों का पालन नहीं कर पाए। जिन 30 सैंपलों में असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए गए, उन पर उम्रकैद और 10 लाख रुपये की जुर्माना हो सकती है। मध्य प्रदेश में भी बैन लगने के बाद नकली पनीर को रोकने की योजना बनाई गई है।
कर्नाटक में 60 होटल रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया और 77 सैंपल जांच की गई। 77% सैंपल में गलत लेबलिंग और खराब स्थितियां पाई गईं। गोट्टीगेरे की कैंटीन का गोदाम भी सील कर दिया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सवाल उठाए हैं। कैडिला फार्मास्युटिकल्स की याचिता पर कोर्ट ने कहा कि विभाग मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल कर रहा है और पहले से कार्रवाई करने के बजाय कंपनी को सुनवाई देनी चाहिए।
इन सभी कदमों से पता चलता है कि भारत में खानपान की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ रही है। युवा वर्ग के लिए यह सबसे बड़ा लाभ होगा क्योंकि आज के समय में ऑनलाइन खाना मंगाने वाले और बाहर खाने वाले सबसे ज्यादा युवा हैं। अगर यह सख्ती लगातार बनी रहेगी, तो भविष्य में लोगों को साफ और भरोसेमंद खाना मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
