सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
यह फैसला संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज की प्रिवेंटिव डिटेंशन के खिलाफ सुनाया गया.
कोर्ट ने कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित कबूलनामे के आधार पर किसी को भी प्रिवेंटिव डिटेंशन नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के आदेश बिना वैध कारण के असंवैधानिक हैं.
10 लाख रुपये की यह लागत यूपी सरकार को चुकानी होगी.
