राहुल शर्मा
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयर को शेयर बाजार में लिस्ट किया गया है. गुरुवार को एनएसई शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से सिर्फ 1% प्रीमियम पर हुई. लिस्टिंग के समय शेयर 1,823 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो इश्यू प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये से थोड़ा ही ऊपर था. हालांकि, सुस्त शुरुआत के कुछ ही मिनट बाद शेयर में तेजी आई और कुछ ही देर में यह 5% से अधिक बढ़कर 1,867 रुपये पर पहुँच गया. यह आईपीओ 17 सितंबर को खुदरा निवेशकों के लिए खुला था और 21 सितंबर तक बोलियों के लिए उपलब्ध था. इस आईपीओ को 22,569 करोड़ रुपये का बड़ा आकार मिला और इसे तीन दिनों में 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.

एनएसई आईपीओ की लिस्टिंग से पहले ग्रे-मार्केट में इसके शेयर का जीएमपी काफी कम था. लिस्टिंग से ठीक पहले, जीएमपी लगभग 2.13% था, जिससे प्रति शेयर 38 रुपये की वृद्धि हुई थी और अनुमानित लिस्टिंग कीमत 1,823 रुपये थी. ग्रे-मार्केट का संकेत सुस्त लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहा था, जो बाद में सही साबित भी हुआ.

आईपीओ के लिए एक्सपर्ट्स ने बड़ा टार्गेट दिया है. मैक्वेरी ने एनएसई शेयर के लिए आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है और इसका टार्गेट प्राइस 1,965 रुपये तय किया है. आईपीओ की लिस्टिंग के बाद, एनएसई का मार्केट कैप लगभग 4.56 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे यह भारत की 10वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई. एनएसई हिंडूस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, सन फार्मा, टाइटन कंपनी और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी बड़ी कंपनियों से आगे निकल गई है.

बाजार के रुख की बात करें तो, गुरुवार को सेंसेक्स 730 अंक गिरकर 62,000 के स्तर के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी लगभग 250 अंक गिरकर 18,500 के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा था. बाजार में इस गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसई के मजबूत बुनियादी तत्व और इसके बाजार में लिस्ट होने से इसकी लंबी अवधि की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह लें. हालांकि एनएसई आईपीओ की लिस्टिंग निराशाजनक थी, लेकिन इसकी लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर निवेशक का ध्यान है.

संबंधित खबरों की बात करें तो, अन्य कंपनियां जैसे तेंदुलकर की निवेश वाली कंपनी, ला रही हैं आईपीओ. निवेशकों को इन कंपनियों के आईपीओ के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. इसके अलावा, यूपीआई के जरिए शेयर, आईपीओ, और म्युचुअल फंड में निवेश करने पर एमडीआर का भी निवेशकों पर असर पड़ता है.

इसके अलावा, टाटा संस का आईपीओ जल्द ही बाजार में आने वाला है, जिससे निवेशकों की उत्सुकता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के हालिया फैसले से टाटा संस के आईपीओ को भी फायदा हो सकता है.

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