अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ दुनिया की सबसे बड़ी तेल डील कर ली है। इस समझौते के तहत वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अब अमेरिका का नियंत्रण रहेगा।
ट्रंप ने यह जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने लिखा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री हेगसेथ ने वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से बातचीत के बाद यह समझौता किया गया है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील है।
बता दें कि यह ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया था। मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के संघीय आरोप लगाए गए हैं। जनवरी में मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में वापस भेजने की बात कही थी।
दरअसल, अमेरिका में गैस की बढ़ती कीमतों ने ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब छह महीने से ईरान में जारी युद्ध का अभी कोई अंत नजर नहीं आ रहा। ऐसे में अमेरिका ने अपनी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का इस्तेमाल किया है। अगस्त की शुरुआत तक इस भंडार में 30 करोड़ बैरल से भी कम तेल बचा था। इसी कमी को पूरा करने के लिए वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा जरूरी हो गया।
गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। वहां जमीन के नीचे करीब 303 अरब बैरल कच्चा तेल मौजूद है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, यह दुनिया की कुल आपूर्ति का लगभग 17 फीसदी है। मतलब हर 100 बैरल तेल में से करीब 17 बैरल सिर्फ वेनेजुएला के पास है।
ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला ने अमेरिका का तेल चुराया था। दरअसल, कई दशक पहले वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने सैकड़ों विदेशी कंपनियों की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण किया था। इनमें अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्तियां भी शामिल थीं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि दुनिया के कई हिस्सों में भूवैज्ञानिकों को नए तेल भंडार खोजने पड़ते हैं, लेकिन वेनेजुएला के भंडारों के बारे में पहले से अच्छी-खासी जानकारी मौजूद है। बावजूद इसके खराब बुनियादी ढांचे की वजह से वेनेजुएला फिलहाल दुनिया के तेल का महज 1 फीसदी ही उत्पादन कर पाता है। अब अमेरिका के कब्जे के बाद इस भंडार का बेहतर इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
