दक्षिण दिल्ली सत्य निकेतन में अभी-अभी एक बहुमंजिला इमारत गिर गई है। सत्य निकेतन इमारत ढहने से पूरा इलाका हड़कंप में आ गया। चश्मदीदों के मुताबिक इमारत भरभराकर राख बन गई और क्षेत्रफल भर में धूल का गुबार फैल गया। वक्त की कमी में लोगों ने तुरंत भागना शुरू कर दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे के नीचे फंसे लोगों की संख्या जानने की कोशिश जारी है। चश्मदीदों का कहना है कि अंदर 20 से 30 छात्र दबे हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इमारत में पीजी चल रहा था और छात्र वहां रुकते थे।
फायर सर्विस को दोपहर 1:33 बजे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद 12 दमकल गाड़ियों के साथ पुलिस, एमसीडी और राहत टीमें पहुंचीं। मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी है। मलबे के नीचे से फोन करते हुए कुछ लोगों ने संकट की स्थिति बताई।
इमारत का मालिक आनंद बंसल है। हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन शिव मंदिर के पास हुआ। पड़ोसी इमारत भी कुछ हिस्सों में ढह गई है। एहतियात के तौर पर आस-पास की इमारतों को खाली कर दिया गया है। एनएसयूआई ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए तत्काल बचाव की मांग की है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावितों को मदद देने की हर संभव कोशिश जारी है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबा पूरी तरह साफ होने पर ही असली हालत सामने आएगी।
