ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। उनका साफ कहना है कि ईरान न तो पीछे हटेगा और न ही सिर झुकाएगा। आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी जाएगी। शुक्रवार को ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में पेजेशकियान ने कई बड़े दावे किए।
राष्ट्रपति के मुताबिक उनके विरोधियों ने सीरिया की तर्ज पर 48 घंटे में ईरान पर कब्जे की पूरी योजना बनाई थी। लेकिन ईरान ने अपनी ताकत और क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए इस साजिश को नाकाम कर दिया। मसूद पेजेशकियान का बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
पेजेशकियान ने जोर देकर कहा कि यह युद्ध ईरान ने शुरू नहीं किया। उनकी सरकार लगातार बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन दूसरी तरफ से हालात को लगातार युद्ध की ओर धकेला गया। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर सीधे तौर पर युद्ध थोपने का आरोप लगाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि दुश्मन को उम्मीद थी कि सैन्य दबाव और अंदरूनी हालात बिगड़ने से ईरान बिखर जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। आज तमाम मुश्किलों के बावजूद ईरान एक मजबूत मुल्क की तरह खड़ा है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में ईरान पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा।
इंटरव्यू के दौरान पेजेशकियान ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील भी की। उनका कहना था कि जब मुसलमान एक साथ खड़े होते हैं तो बाहरी ताकतों की चालों का डटकर मुकाबला किया जा सकता है। यह बयान क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर भी राष्ट्रपति ने बात की। उन्होंने माना कि खामेनेई से बातचीत करना अब आसान नहीं रह गया है। मगर साथ ही यह भी कहा कि उनकी मौजूदगी ही ईरान की सबसे बड़ी ताकत है। गौरतलब है कि पिछले संघर्ष में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छह अगस्त को कहा था कि उन्हें उम्मीद है ईरान के साथ जंग जल्द खत्म हो सकती है। उन्होंने यह भी माना कि अमेरिकी सेना को कुछ हथियारों की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। दोनों तरफ के बयानों से साफ है कि तनाव फिलहाल कम होने के आसार नहीं दिख रहे।
पेजेशकियान के तेवर बता रहे हैं कि ईरान किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है। उन्होंने अपने रुख से स्पष्ट कर दिया है कि दबाव चाहे जितना बढ़े, ईरान अपने रास्ते पर कायम रहेगा।
