फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET पेपर लीकेज के मामले की पहली सुनवाई समय पर नहीं हो सकी, क्योंकि सीबीआई के वकील अदालत में fixe नहीं हुए।
पिछले सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में केस पर चर्चा शुरू करनी थी, पर सीबीआई का प्रतिनिधि अदालत पहुँचा नहीं।
इस कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई और अगले दिन, 3 अगस्त को फिर से सुनवाई तय की गई।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आगे की कार्यवाही में किसी भी बाधा से बचने के लिए एक लोक अभियोजक (Public Prosecutor) को ज़िम्मेदारी में लिया जाए।
इसके अलावा, उसी दिन विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाओं की सुनवाई भी
यह घटना उसी संदर्भ में हुई, जब देशभर में छात्रों ने NEET पेपर लीकेज पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और इस तरह के मामलों पर सख्ती की मांग की थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट के अनुसार, NEET Paper Leak Case में चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना ज़रूरी है, पर अभी तक प्रगति स्पष्ट नहीं हुई।
अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित है, जहां उम्मीद है कि लोक अभियोजक की नियुक्ति हो जाएगी और केस आगे बढ़ेगा।
NEET Paper Leak Case की यह देरी शिक्षण और परीक्षा प्रबंधन के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
