ईरान ने इजरायल को मिसाइल ठिकानों की जानकारी देने के आरोप में होसैन पदरान को फांसी दी।
तेहरान, 19 सितंबर 2026, अपडेट 1:56 बजे IST।
होसैन पदरान एक इजरायली जासूस थे।
उन्हें ईरानी न्यायपालिका ने फांसी की सजा सुनाई।
उन्हें आरोप था कि उन्होंने इस्फहान प्रांत के सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारी मोसाद को दी।
इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों को भी जानकारी भेजी गई।
जांच में पता चला कि पदरान ने इस जानकारी के बदले आर्थिक फायदा लिये थे।
न्यायपालिका ने कहा कि पदरान ने खुद भी यह बात कबूल की।
कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया और निचली अदालत का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।
फांसी की सजा 12 दिन के युद्ध के दौरान कई सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद सुनाई गई।
ईरान ने कहा कि जासूस ने स्थानीय लोगों या भाड़े के लोगों की मदद से जानकारी भेजी।
होसैन पदरान को फांसी देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह फांसी पर लटका दिया गया।
इजरायल और ईरान के बीच तनाव पहले भी रहा है।
ईरान ने पहले भी जासूसी के आरोप में कड़ी सजा दी है।
यह घटना विश्व स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है।
