लखनऊ के शोभिनव सत्या की कहानी फिल्म जगत के उन चेहरों में से है, जो पहले पर्दे के पीछे लंबा संघर्ष करते हैं और फिर मिले एक मौके से सबका ध्यान खींच लेते हैं। FTII, पुणे से एक्टिंग की पढ़ाई करने वाले शोभिनव ने दस साल तक असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट सुपरवाइजर के रूप में काम किया। अब वे ‘हनुमान अंश’ में आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा, जिन्हें महाराज जी कहा जाता है, के किरदार के लिए चर्चा में हैं।
फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘हनुमान अंश’ अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक कमा चुकी है। इसी फिल्म ने शोभिनव को नई पहचान दी है।
शोभिनव को कला और थिएटर में रुचि थी। इसी कारण उन्होंने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे का रुख किया। कठिन चयन प्रक्रिया में हजारों प्रतियोगियों को पीछे छोड़कर उन्होंने एक्टिंग की प्रोफेशनल डिग्री हासिल की।
FTII में उन्होंने मेथड एक्टिंग, किरदार निर्माण और सिनेमा की तकनीकी बारीकियां सीखीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी सीख दूसरों के साथ बांटना शुरू किया। वे ‘ओपुलेंट स्कूल ऑफ एक्टिंग एंड फिल्म्स’ में बतौर एक्टिंग टीचर जुड़े और युवाओं को अभिनय की ट्रेनिंग दी।
लेकिन सिर्फ एक्टिंग सिखाना उनके लिए पूरा रास्ता नहीं था। बॉलीवुड में टिके रहने के लिए उन्हें पर्दे के पीछे काम करना था। करीब 10 साल तक वे असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट सुपरवाइजर के रूप में जुड़े रहे।
इस दौरान शोभिनव ‘सीआईडी’, ‘रागिनी MMS रिटर्न्स’ और ‘महापौर’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े। यह वक्त उनके लिए सीख और संघर्ष दोनों का था। उसी अनुभव के दम पर वे फिल्मों के सेट की बारीकियों को अच्छी तरह समझ पाए।
‘हनुमान अंश’ के लिए शोभिनव को शुरू में हीरो के रूप में कास्ट नहीं किया गया था। वे सेट पर सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने पहुंचे थे। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि प्री-प्रोडक्शन शुरू होने के दो दिन बाद जब शोभिनव सेट पर आए, तो वे देर से आए थे। विशाल उन्हें डांटने गए, लेकिन उनका चेहरा और हाव-भाव देखकर नीम करौली बाबा का अक्स नजर आने लगा।
कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने भी रात के 3 बजे संदेश भेजकर कहा कि शोभिनव का चेहरा महाराज जी से मिलता है। इसके बाद फिल्म में तय मुख्य अभिनेता की तबीयत अचानक खराब हो गई। ऐसे में निर्देशक ने शोभिनव की FTII की ट्रेनिंग और चेहरे की समानता पर भरोसा किया।
इसके बाद चित्रकूट घाट पर ऑडिशन हुआ। विशाल चतुर्वेदी शोभिनव को मंदाकिनी नदी के प्रसिद्ध घाट ले गए। नाव की सवारी के दौरान करीब चार घंटे तक ऑडिशन चला। शोभिनव ने अपनी एक्टिंग ट्रेनिंग और कॉमिक टाइमिंग से निर्देशक को प्रभावित किया। इसके बाद उन्हें नीम करौली बाबा के रोल के लिए फाइनल कर लिया गया।
शोभिनव सत्या नीम करौली बाबा के रूप में फिल्म के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हो गए। जिन्हें कभी हीरो के तौर पर कास्ट नहीं किया गया था, वही शोभिनव अब देश भर में अपने अभिनय के लिए जाने जा रहे हैं। उनका सफर दिखाता है कि तैयारी कब और कहां काम आ जाए, यह कहना मुश्किल है।
