अमेरिकी संस्था फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हैं.
इनमें से 160 से अधिक हथियार ऐसे डिलीवरी सिस्टम से जुड़े हैं जो अभी एक्टिव हैं और उनका उपयोग किया जा सकता है.
बाकी बचे करीब 30 हथियार भविष्य की मिसाइलों जैसे अग्नि-प्राइम और समुद्र आधारित के-4 के लिए रखे गए हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि ये अतिरिक्त हथियार इसलिए तैयार रखे गए ताकि जब नए लॉन्चर सेवा में आएं तो हथियार तुरंत उपलब्ध रहें.
भारत अपनी नो-फर्स्ट-यूज नीति पर कायम है और स्पष्ट रूप से कहता है कि वह परमाणु हथियार केवल तब इस्तेमाल करेगा जब उस पर परमाणु हमला हो.
1998 के परीक्षणों के बाद से भारत ने कोई नया परीक्षण नहीं किया है और परीक्षण रोक जारी रखी है.
FAS के आंकड़े अनुमान हैं क्योंकि सरकार आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं करती, लेकिन ये आकलन अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक चर्चा में अक्सर संदर्भ के रूप में उपयोग किए जाते हैं.
