दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर तैयारियां पूरी हुई हैं। इस बड़े आयोजन में पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान जैसे वैश्विक नेता जुड़ रहे हैं। सम्मेलन के तहत व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि भारत आज ग्लोबल सॉल्यूशन का केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि 2006 में शुरू हुए ब्रिक्स को आज 21 देशों का परिवार बन गया है। ब्रिक्स देशों ने दुनिया की 50% जनसंख्या, 40% वीवीपीईडीपी और 25% व्यापार को प्रतिनिधित्व किया है। भारत ने ब्रिक्स को वैश्विक नवाचार और समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि ब्रिक्स देशों की जीवीपीईडीपी अब जी-7 से आगे निकल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ब्रिक्स दुनिया के विकास के इंजिन बन रहे हैं। इसके बाद पुतिन ने पीएम मोदी के साथ एक घंटे से कम के समय तक मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। पुतिन को भारत ने तमिल संत तिरुवल्लुवर की पुस्तक ‘तिरु्कुरल’ का रूसी अनुवाद उपहार में प्रदान किया।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि आज दुनिया आर्थिक मुश्किलों से जूझ रही है। उन्होंने ब्रिक्स को इन चुनौतियों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आए हैं। उनके भारत दौरे पर सुरक्षा और व्यवस्थापन के सभी इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा के लिए 15 हजार पुलिसकर्मियों और 200 पैरामिलिट्री कंपनियों के साथ 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। 35 सड़कों पर असर पड़ सकता है, लेकिन शहर पूरी तरह नहीं बंद होगा। नोएडा से दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले यात्री बाधा का सामना कर सकते हैं।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि यह साल ब्रिक्स के 20 साल पूरे हो रहे हैं। इस फोरम में विश्व के 2000 से अधिक व्यवसायी नेता भाग ले रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स को वैश्विक व्यापार में आधी हिस्सेदारी बताया और भारत को इसमें एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने डिजिटल पेमेंट सिस्टम (UPI) और महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
सम्मेलन के दिनों में दिल्ली में स्कूलों को छुट्टी घोषित की गई है। मेट्रो और बसें सामान्य सेवा प्रदान करेंगी, लेकिन कुछ मार्ग बदल सकते हैं। अधिकारियों ने यूपीएससी और एनडीए परीक्षार्थियों तथा अस्पताल जाने वालों को समय से पहले निकलने की सलाह दी है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दल फतह अल-सिसी ने भी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अपना यात्रा प्रारंभ किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस आयोजन में शामिल हैं।
PM मोदी ने ट्वीटर पर कहा कि अगले कुछ दिनों में विश्व के नेता इस सम्मेलन में वैश्विक भावना के साथ सकारात्मक चर्चा करेंगे। उन्होंने संस्कृत श्लोक का हव नजीक करते हुए कहा कि अच्छे लोगों के साथ संवाद और मित्रता जारी रहेगी।
भारत ने इस बड़े आयोजन को यश से संपन्न किया है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ने वैश्विक सहयोग और विकास के नए मंच खोल दिए हैं।
