राजस्थान के परबतसर नगर पालिका चुनाव में एक हैरान करने वाला नतीजा सामने आया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी कैलाश चंद्र को महज एक वोट मिला है और वह खुद को भी वोट नहीं दे पाए, क्योंकि वह वार्ड 13 के मतदाता नहीं हैं. वह वार्ड 12 से वोटर हैं. इसी तरह, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी भंवरलाल को भी परबतसर नगर पालिका के वार्ड 20 से सिर्फ एक वोट हासिल हुआ है.
वार्ड 13 से BJP के लिए कैलाश चंद्र का चुनाव लड़ना एक अनोखी स्थिति बन गई थी. स्थानीय जानकारी के अनुसार, पार्टी वार्ड 13 में उम्मीदवार नहीं खोज पा रही थी, इसलिए कैलाश चंद्र को वहां से नामांकन दाखिल करने के लिए कहा गया. वह पार्टी के निर्देश पर चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन नतीजा सिर्फ एक वोट का रहा. कांग्रेस की हिना खानम ने वार्ड 13 में 376 वोट हासिल किए, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार रसीद खां को 195 वोट मिले.
RLP के प्रत्याशी भंवरलाल को वार्ड 20 से भी सिर्फ एक वोट मिला है. यह नतीजा पार्टी के स्थानीय प्रभाव और उम्मीदवार चयन पर सवाल खड़े कर रहा है. RLP ने राज्य के कई हिस्सों में अपनी पकड़ बनाई हुई है, लेकिन एक प्रत्याशी का सिर्फ एक वोट पाना चर्चा का विषय बन गया है.
इन दोनों नतीजों ने राजनीतिक दलों के समक्ष प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. BJP जैसे बड़े राष्ट्रीय दल के प्रत्याशी का एक वोट तक सीमित रहना इसलिए ज्यादा चर्चित है, क्योंकि वह खुद उस वार्ड का मतदाता नहीं है जहां से वह चुनाव लड़ रहे थे. RLP प्रत्याशी के एक वोट पर सीमित रहने से भी पार्टी की स्थानीय पकड़ और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह ‘एक वोट’ वाला मामला स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है. खासकर, BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना पूरे चुनावी परिणाम को और दिलचस्प बना रहा है. यह मामला निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता और पार्टी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है.
