2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नाराज नेताओं और सहयोगियों के साथ दूरियां कम करने में जुटी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने बारी-बारी से अदिति सिंह और संजय निषाद से मुलाकात की है. इन मुलाकातों को बीजेपी का डैमेज कंट्रोल अभियान बताया जा रहा है.
सीएम योगी ने रायबरेली की सदर विधायक अदिति सिंह से मुलाकात की. अदिति सिंह और सीएम योगी की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई. सीएम योगी ने खुद यह तस्वीर शेयर करते हुए अदिति सिंह के साथ अच्छे तालमेल की बात कही है.
वहीं, प्रदेश बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े गोरखपुर पहुंचे और संजय निषाद से उनके आवास पर मुलाकात की. संजय निषाद, उनकी पत्नी, बेटे प्रवीण और विधायक बेटे सरवन निषाद ने तावड़े का स्वागत किया. संजय निषाद के परिवार ने बीजेपी को Wooden boat symbol भेंट किया.
इन मुलाकातों के पीछे बीजेपी का मकसद नाराज नेताओं की नाराजगी दूर करना है. अदिति सिंह 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी से थोड़ी दूर चल रही थीं. संजय निषाद भी गठबंधन में अपने लिए बेहतर समन्वय और निषाद आरक्षण पर ठोस पहल चाहते हैं.
बजेपी के इन कदमों से यह भी उम्मीद जगी है कि पार्टी अपने सभी नेताओं और सहयोगियों को मनाने में सफल रहेगी. कुछ दिन पहले ही पूर्व सांसद कौशल किशोर ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाकर बीजेपी के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी.
इन सबको मिलाकर बीजेपी का लक्ष्य है 2027 के चुनाव से पहले पार्टी के भीतर और सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल बनाना. अदिति सिंह और संजय निषाद जैसे नेताओं को पार्टी के साथ जोड़कर बीजेपी अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
