बीजेपी में अनदेखी: पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भूतिशाली अंतर बताया

राहुल शर्मा
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बीजेपी में अनदेखी: पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भूतिशाली अंतर बताया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद कौशल किशोर ने पार्टी के अंदर अपनी अनदेखी को लेकर गंभीर बयान दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी के कुछ लोग उन्हें किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं और कई कार्यक्रमों में उन्हें बुलाया भी नहीं जाता।

कौशल किशोर का यह बयान लखनऊ से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि पार्टी के कई कार्यक्रमों में उन्हें शामिल नहीं किया जाता। सरकारी कार्यक्रमों में भी कई बार उन्हें सूचना दी नहीं जाती। लेकिन उन्होंने साफ किया कि वह इससे परेशान या विचलित नहीं होने वाले व्यक्ति हैं।

उन्होंने कहा, “मैं छप्पर से निकलकर आया हूं। जमीन पर पैर रखकर खड़े होने वाले व्यक्ति हूं। मैंने 15 चुनाव लड़े हैं, इनमें 12 चुनाव हारे हैं। इसलिए हार या अनदेखी से मैं डरने वाले नहीं हूं।”

पूर्व मंत्री ने बताया कि वह यह जानना चाहते हैं कि पार्टी का उनके प्रति क्या विचार है। उन्होंने कहा कि वह लगातार जनहित के काम करते हैं और लोगों की समस्याएं उठाते हैं। अगर जनता के हित की बात करना गलत है तो उन्हें नहीं पता कि सही क्या है।

कौशल किशोर ने कहा कि उनका मकसद किसी पद के पीछे भागना नहीं है। वह जनता और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सामने रखने का काम करते हैं। उनके मुताबिक अगर किसी कार्यकर्ता की जायज बात है तो उसकी सुनवाई होनी चाहिए।

उन्होंने पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं की निराशा पर भी बयान दिया। कहा जाता है कि बूथ अध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारी अपनी जायज समस्याएं लेकर थाने और तहसील जाते हैं, पर कई जगह उनकी सुनवाई नहीं होती। इसके बाद कार्यकर्ता उन्हें अपनी शिकायत लेकर आते हैं। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है।

कौशल किशोर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की जायज बात नहीं सुनी जाएगी तो इससे उनका मनोबल कम होगा। सरकार और संगठन के बीच तालमेल होना चाहिए। छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े पदाधिकारी तक सभी की बात को महत्व मिलना चाहिए।

कौशल किशोर ने 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ लोगों ने चुनाव में उनका विरोध किया था और पार्टी को इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के खिलाफ काम करते हैं और पार्टी के उम्मीदवार का विरोध करते हैं, अगर उन्हें संरक्षण मिलता रहेगा तो कार्यकर्ताओं का विश्वास टूटेगा। पार्टी को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। संगठन में अनुशासन जरूरी है।

एक दिन पहले कौशल किशोर ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि गेंद जितनी ऊंचाई तक गई थी, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही है। इस पर उन्होंने बाद में सफाई दी। कहा कि उनका बयान किसी एक पार्टी या नेता के लिए नहीं था। उन्होंने किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि जो अपने उद्देश्यों से भटक जाएगा, उसका डाउनफॉल होगा। जब किसी संगठन या व्यक्ति का विश्वास कम होता है तो उसका नुकसान होना तय है। कौशल किशोर ने कहा कि बीजेपी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से पूरी ताकत लगानी होगी।

सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने से काम नहीं चलेगा। जनता का जो विश्वास टूटा है, उसे दोबारा हासिल करना होगा। 2024 में पार्टी को जिन कारणों से नुकसान हुआ है, उन कारणों को दूर करना जरूरी है। पार्टी को जनता के बीच जाकर काम करना होगा। कार्यकर्ताओं की बात सुननी होगी।

कौशल किशोर ने साफ कहा कि वह अभी भी बीजेपी में हैं। वह पार्टी के वसूलों और सिद्धांतों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सिद्धांतों के साथ खड़ा होना संभव नहीं है जो जनता के हित में नहीं हैं। पार्टी उन्हें रखना चाहती है या नहीं, यह पार्टी को तय करना है।

अगर कभी पार्टी कहेगी कि उनकी जरूरत नहीं है तो वह अपने भविष्य का फैसला करेंगे। फिलहाल वह बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं और पार्टी के साथ खड़े हैं। कौशल किशोर के इस बयान से स्पष्ट है कि वह पार्टी छोड़ने की बात नहीं कर रहे हैं। लेकिन पार्टी के अंदर अपनी अनदेखी और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि बीजेपी नेतृत्व उनके इन बयानों को किस तरह लेता है।

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