चीन का बड़ा बयान India रिश्ते सामने आया है। शी जिनपिंग भारत पहुंच चुके हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने संबंधों को लेकर जोर दिया है। दोनों देश मतभेदों को दोस्त की तरह संभालेंगे।
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि बीजिंग और नई दिल्ली मिलकर रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका फोकस संवाद बढ़ाने पर है। सहयोग के नए रास्ते तलाशने की भी बात कही गई है। मतभेदों को सही तरीके से संभाला जाए।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी इसी विषय पर बात की है। उन्होंने कहा कि चीन और India को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए। दोनों देश अच्छे पड़ोसी और साझेदार की तरह एक-दूसरे की सफलता का सम्मान करें। मतभेदों को बातचीत से सुलझाना जरूरी है।
सात साल बाद शी जिनपिंग की भारत यात्रा हो रही है। 2019 में महाबलीपुरम में उनकी मोदी के साथ अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। इस बार दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक होगी। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा।
दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद और आपसी हितों पर चर्चा होगी। चीन का कहना है कि विवाद बातचीत से सुलझाने चाहिए। इससे दोनों देशों के संबंध लंबे समय तक मजबूत रहेंगे। अब देखना होगा कि मुलाकात में किन मुद्दों पर सहमति बनी।
