राहुल गांधी ने आज अपने इंटरव्यू के माध्यम से 120 युवा नेताओं का सामना किया। Congress की अगली टीम के लिए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है। पार्टी ने अब राजनीतिक वरिष्ठता के बजाय कामकाज और जमीनी सक्रियता को प्राथमिकता दी है।
इस इंटरव्यू के दौरान राहुल गांधी ने 30 नेताओं से बात की हैं। इन लोगों के पिछले कामकाज और उनकी योग्यता का पूरा रिपोर्ट कार्ड पहले से राहुल गांधी के पास है।
राहुल गांधी का मानना है कि नए नेताओं को केवल उम्र या पुराने नेतृत्व के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी जमीन पर काम करने की क्षमता और दूरदृष्टि के आधार पर चुना जाना चाहिए।
Congress ने बताया है कि 120 नेताओं का इंटरव्यू इस तरह आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने अलग-अलग राज्यों के चुनिंदा नेताओं को दिल्ली लाया है ताकि एक नई और पेशेवर युवा लीडरशिप तैयार हो सके।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य अब बुजुर्ग नेताओं को हटाकर युवाओं को फ्रंटफुट पर लाना है। वे ऐसी टीम बनाना चाहते हैं जो जमीन पर लड़ सके और बदलाव ला सके।
इस नए दृष्टिकोण के कारण 60 प्रतिशत से ज़्यादा सचिवों को बदलने की योजना बनाई गई है। नए चेहरों को मौका देने के लिए राहुल गांधी ने ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम के तहत काम किए हुए युवाओं को प्राथमिकता दी है।
राहुल गांधी ने अपनी नई टीम के लिए इंटरव्यू खुद ले रहे हैं। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नए नेताओं को निर्णय केवल सिफारिशों पर न हो, बल्कि जमीनी हकीकत और काम की क्षमता पर आधारित हो।
यह प्रयास कांग्रेस के ‘जनरेशन चेंज’ का हिस्सा है। राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य की राजनीति को नए दृष्टिकोण और ऊर्जा के साथ ही दिया जाना चाहिए।
अंतिम इंटरव्यू पूरा होने के बाद पार्टी नए नेताओं की नियुक्ति करेगी। यह प्रक्रिया Congress के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए खाका तैयार कर रही है।
