रांची के कोकर इलाके में रहने वाले रणजीत घोष का परिवार इन दिनों पूरी तरह टूटा हुआ है। परिजन नेपाल में लापता बेटा राम प्रसाद की तलाश में जुटे हुए हैं। छह दिन से कोई खबर नहीं मिल पाई है। पिता रणजीत हर पल भगवान के सामने प्रार्थना कर रहे हैं कि बेटा सही सलामत घर लौट आए।
नेपाल के अपर त्रिशुली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सुपरवाइजर का काम कर रहे राम प्रसाद की आखिरी बात मंगलवार को परिवार से हुई थी। इसके बाद से उनका फोन बंद है। परिवार को नहीं पता कि बेटा किन हालात में फंसा है। पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।
करीब एक महीने पहले राम प्रसाद ने एमबीए के लिए 30 हजार रुपये मांगे थे। पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे भेज दिए। आज वही पिता बेटे की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। सोचकर टूट जाते हैं कि बेटे को पढ़ाने के लिए भेजे थे पैसे, आज उसकी जिंदगी की चिंता सता रही है।
परिवार ने तलाश के लिए बड़े बेटे देव प्रसाद और बहू नित्य को नेपाल भेजा, लेकिन रविवार रात तक कोई सकारात्मक खबर हाथ नहीं लगी। प्रशासन से लेकर नेपाल के संबंधित विभाग तक गुहार लगाई गई। रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी मिलकर मदद की गुहार लगाई गई।
अब परिवार सिर्फ भगवान की mercy का इंतजार कर रहा है। हर चर्चा में बेटे का नाम आता है। फोन की हर आवाज पर उम्मीद जगी है, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। हे भगवान… अब बस आपके चमत्कार की उम्मीद है। हमारा बेटा जहां भी है, उसे सुरक्षित रखिए और घर वापस भेज दीजिए।
