अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की 3.5 घंटे की मैराथन बैठक: CJP प्रदर्शन के बीच हुई चर्चा
दिल्ली में सोमवार को राजनीतिक और सामाजिक हलचल बेहद तेज रही। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, देश की राजधानी में भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक एक मैराथन बैठक हुई। हालांकि, इस लंबी चर्चा में किन खास मुद्दों पर बात हुई, इस पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह हाई-प्रोफाइल मीटिंग ऐसे समय में हुई जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के कारण दिल्ली की सड़कों पर तनाव का माहौल था। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संसद की ओर बढ़ रहे थे। protesters की मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शामिल हैं।
एक तरफ जहां अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के बीच बंद कमरे में चर्चा चल रही थी, वहीं दूसरी ओर CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। CJP के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन का मुख्य केंद्र नीट-यूजी पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाना है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
CJP ने अपनी मांगों के जरिए सरकार के सामने तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं। इनमें अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं और वे केवल युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में भारी जाम की वजह से दिल्ली की रफ्तार पर भी असर पड़ा।
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सुबह से ही संवाद चल रहा है। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और अपना धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की है। वहीं, अस्पताल में उपवास पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी कहा है कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलता की जिम्मेदारी लेती है, तो वे अपना अनशन खत्म कर सकते हैं।
