ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक जख्मी हुए। यह हमला विशेष रूप से एक रणनीतिक महत्वपूर्ण बेस पर आएगा, जो अंतर्राष्ट्रीय मिलिट्री ऑपरेशन्स के लिए मुख्य केंद्र का काम करता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि लगातार सातवीं रात तक किए गए हमलों में निगरानी साइट और लॉजिस्टिक फैसिलिटी को निशाना बनाया गया।
इसेरान के जवाबी हमलों में कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जबकि घायलों की संख्या और चोटों की गंभीरता अभी तक साफ नहीं हुई। जॉर्डन के पास स्थित मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जहां अमेरिकी फाइटर जेट्स और ड्रोन्स तैनात हैं।
ईरान ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में कई अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया, जिसमें फाइटर जेट्स का कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर भी समेटे गए। जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन अमेरिकी सैनिकों को चोटें पहुंची।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक इन चोटों की पुष्टि नहीं की है। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया है, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
IRGC ने सीरिया, कुवैत, ओमान और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया। इस बीच जॉर्डन में अमेरिका के लगभग 3000 से 4000 सैनिक तैनात हैं, जो इस हमले के बाद तनाव के बीच रह गए हैं।
