पटना के खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स को कोचिंग विवाद के मामले में अग्रिम जमानत मिल गई है। यह सुनना बड़ी राहत का समय होगा क्योंकि पहले इस मामले में उन्हें गिरफ्त में ले जाने का डर था। खान सर एक प्रसिद्ध कोच हैं, जिनके खिलासपट्टी घोषणा करने वाले एक युवा को शिक्षा मंत्रालय की मंज़ूरी वाली मानी जाती हैं। विवाद का मूल मामला उनकी शिक्षा संस्था में भी आया था, जहां उन्हें गिरफ्त में ले जाने की धमकी थी।
पटना की एक अदालत ने खान सर और उनके बॉडीगार्ड्स को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि वे आरोपों के बिना निष्कासित नहीं किए जाएंगे। मामले में शांति और स्थिरता बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। खान सर की ओर से जानबूझकर गिरफ्त में नहीं लगाने की गारंटी भी मांगी गई है। अगर उन्हें आगे केस में गिरफ्त में ले जाना पड़ा तो उन्हें कानून के मार्ग पर जाना होगा।
खान सर को चेतावनी दी गई है कि वे फिज़ाहील अदालत के बिना नहीं जाएंगे। उन्हें यह भी कहा गया है कि वे आरोपों का सामना करेंगे। इस मामले की सुनवाई जल्द ही होगी। विवाद के बीच खान सर की शिक्षा संस्था में भी स्थिरता आई होगी। उनके छात्रों और कर्मचारियों के लिए यह समय राहत देने वाला होगा।
अग्रिम जमानत मिलने के बाद खान सर ने कहा कि वे सच बताएंगे। उन्होंने कहा कि विवाद का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है। मामले की जानकारी खोलते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी भी तरह की गलत बात नहीं कहते हैं। इस विवाद ने उनकी छात्रवृत्ति और शिक्षा कार्यों को प्रभावित कर सकता था, लेकिन अब उन्हें राहत मिल गई है।
खान सर और उनके बॉडीगार्ड्स को अग्रिम जमानत मिलने के बाद स्थानीय मीडिया ने इसे हर्ली न्यूज़ की श्रेणी में रखा है। इस कोचिंग विवाद में कई सवाल उठे हुए हैं, लेकिन अब खान सर को राहत मिल गई है। अगले कुछ हफ्तों में इस मामले की नई जानकारी भी जारी हो सकती है।
