आज शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई और इस दौरान भारत कोकिंग कोल (BCCL) के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर लगभग 6 फीसदी टूट कर कारोबार करते नजर आए। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह ‘प्रॉफिट बुकिंग’ बताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि शेयर लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है।
कल ही कंपनी का आईपीओ (IPO) शेयर बाजारों में लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग के दौरान शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। आईपीओ के प्राइस (23 रुपये) के मुकाबले शेयर 97 फीसदी प्रीमियम पर यानी लगभग 45 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। भारत कोकिंग कोल का यह आईपीओ कोल इंडिया की सब्सिडियरी थी, जिसे निवेशकों ने बेहद पसंद किया।
1,071 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को 147 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। इस दौरान संस्थागत निवेशकों (QIBs) से लेकर खुदरा निवेशकों (RIIs) तक ने जमकर दिलचस्पी दिखाई। विशेषज्ञों का मानना था कि कंपनी भारत की प्रमुख कोकिंग कोल प्रोड्यूसर है और इसके पास विशाल भंडार है, जिससे यह लंबी अवधि के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद ऊंचे भाव देखकर कुछ निवेशकों ने मुनाफा बुकिंग का रास्ता चुना, जिससे शेयर पर दबाव बन गया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट टर्म में यह दबाव बना रह सकता है, लेकिन कंपनी की बुनियाद मजबूत है। कंपनी के पास 7.91 अरब टन के कोयला भंडार हैं और यह देश में बनने वाली इस्पात के लिए अहम भूमिका निभाती है।
भारत कोकिंग कोल झारखंड और पश्चिम बंगाल में अपने 34 खानों का संचालन करती है। कंपनी वाशरी क्षमता का विस्तार कर रही है ताकि कोयले की गुणवत्ता बेहतर हो सके। कंपनी की योजना कोल बेड मीथेन (CBM) प्रोजेक्ट्स में भी काम करने की है, जो भविष्य में एक बड़ा ऊर्जा स्रोत बन सकता है।
मौजूदा स्थिति में कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसकी पैरेंट कंपनी कोल इंडिया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। इस समर्थन के चलते कंपनी को तकनीकी और वित्तीय लाभ मिलता है। कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने निवेशकों को लिस्टिंग गेन के लिए ‘सब्सक्राइब’ की सलाह दी थी, वहीं दीर्घकालिक निवेश के लिए भी यह कोयला क्षेत्र में अच्छा विकल्प माना जा रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या गिरावट के बाद इस शेयर को खरीदने का मौका है? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में लिस्टिंग प्राइस के आसपास सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन आने वाले समय में स्टील सेक्टर की मांग और कंपनी के विस्तार योजनाओं को देखते हुए स्टॉक में रिकवरी की उम्मीद है। हालांकि, निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
