रांची में एक छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई और स्टूडेंटों की हालत गंभीर हो गई। दो हफ्तों से धरना कर रहे छात्रों में से राहुल का मामला देखने पर यह स्पष्ट हुआ। उन्होंने शरीर तप करने के बावजूद आवाज नहीं की। यह आंदोलन अब न सिर्फ एक छात्र के लिए बना हुआ है, बल्कि देश भर की छात्रों की जिंदगी का मामला बन चुका है।
राहुल ने अपने शरीर पर तप करने के बावजूद इस खेल में खेला है। जब सरकार ने उन्हें अस्पताल ले जाने की मांग की, तो उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का जो मामला देखने पर यह स्पष्ट हुआ, वह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है।
इसी आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे चार प्रदर्शनकारियों में से एक राहुल की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मौजूद डॉक्टरों की मदद ली है। राहुल ने पूरे दिन धरना रखा है।
छात्रों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का नतीजा है। उन्होंने कहा है कि उनकी बात सुनी जाए और उनका मालिक इसका समर्थन करे। पढ़ें कि छात्रों का आरोप यह है कि सरकार में बैकडोर से सेटिंग हुई और वे पेपर सेट करते रह गए।
स्थानीय लोगों ने भी उनका समर्थन किया। खराब मौसम के बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सीजेपी ने रेनकोट भेजा गया था, लेकिन कहां के नेता अभी तक पहुंचे नहीं। छात्रों का मतावली देशभर से आ रही है और नाराज़ पड़े हुए हैं।
समापन के तौर पर, यह दौरा जाने पर जो असली सवाल उठता है, वह यह है कि कैसे सिस्टम में बदलाव होगा ताकि छात्रों के हीन प्रयासों को नहीं तोड़ दिया जाए।
