भोपाल में किसान आंदोलन तेज़ होता जा रहा है. हजारों किसान सावरकर सेतु के पास डेरा डाले हुए हैं.
ये किसान राज्य सरकार को 100 फीसदी एमएसपी पर मूंग की खरीद की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
किसानों ने बताया कि वे राजधानी के बाहर तक मार्च करेंगे और सीएम के घर तक पहुँचने की तैयारी में हैं.
राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है.
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कंसाना ने लिखा कि इस साल Producción औसत से बढ़ी है, लेकिन खरीद का लक्ष्य सिर्फ 4.54 लाख मीट्रिक टन रखा गया है.
उन्होंने बताया कि 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग पैदावार हुई है, जिससे कई किसान एमएसपी से वंचित रह जाएंगे.
केंद्रीय सरकार से खरीद सीमा बढ़ाकर आठ लाख मीट्रिक टन करने की बात कही गई है.
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में मूंग का उत्पादन राष्ट्रीय कुल का करीब 40 फीसदी है.
किसानों का मुख्य मांग 100 फीसदी एमएसपी पर खरीद, ई‑टोकन समस्या का समाधान और समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना है.
हाल ही में 2000 से अधिक किसान नर्मदापुरम से भोपाल की सीमा तक पहुँचे, जिसमें बोरियां, बिस्तर, पकौड़ी बनाने के बर्तन और एक सप्ताह का राशन शामिल था.
पुलिस ने कई बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान barrier तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे.
आंदोलन ने इस साल की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार को चुनौती दी है.
किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार मूंग की खरीद सहित सभी समस्याओं पर गंभीरता से काम कर रही है.
अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और आंदोलन का अगला चरण क्या होगा.
