Mauni Amavasya 2026: 17 या 18 जनवरी? पंचांग के अनुसार जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

राहुल शर्मा
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नई दिल्ली: मौनी अमावस्या 2026 की तारीख को लेकर कई लोगों के मन में दुविधा है। क्या इस साल यह पर्व 17 जनवरी को मनाया जाएगा या फिर 18 जनवरी को? आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार सही तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह पर्व माघ मास में आता है और इसे गंगा स्नान के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन लोग मौन व्रत रखते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। साथ ही शिव जी और विष्णु जी की पूजा की जाती है।

पंचांग के मुताबिक, माघ माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी की रात 10 बजकर 21 मिनट से शुरू हो रही है। यह तिथि 18 जनवरी की रात 12 बजकर 03 मिनट पर समाप्त होगी। अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी को रात 12 बजकर 03 मिनट से होगी, जो 19 जनवरी को सुबह 02 बजकर 51 मिनट तक रहेगी।

अमावस्या तिथि के उदय (सूर्योदय) के आधार पर मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। हालांकि, 17 जनवरी को भी कई लोग अमावस्या मानते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार उदया तिथि ही मान्य होती है। इसलिए 18 जनवरी को गंगा स्नान और पूजा के लिए श्रेष्ठ दिन माना जा रहा है।

इस साल मौनी अमावस्या पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग इस दिन विशेष फलदायी रहेंगे। साथ ही शिववास योग का निर्माण भी हो रहा है। इन योगों में किया गया दान और श्राद्ध विशेष फल देने वाला माना जा रहा है।

मौनी अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन मौन रहकर मन की शांति प्राप्त की जा सकती है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।

16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि भी है। यह कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर पड़ती है। इसलिए शिवरात्रि की पूजा 16 जनवरी को निशा काल में की जाएगी। इसके अगले दिन यानी 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का पर्व है।

यह पर्व विशेष रूप से गंगा स्नान के लिए जाना जाता है। कुंभ मेले में भी मौनी अमावस्या का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं।

पूजा में तिल, दान और जल का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय फल देने वाला होता है। गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्र और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है।

मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने का विशेष महत्व है। इससे मन एकाग्र होता है और आत्मशुद्धि होती है। इस दिन किसी से अनावश्यक बात न करें और ईश्वर का ध्यान करें।

यह जानकारी पंचांग और ज्योतिषियों के अनुसार है। हालांकि, स्थानीय परंपराओं के अनुसार तिथियों में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अच्छा होगा कि आप अपने क्षेत्र के पंडित या पुरोहित से भी पुष्टि कर लें।

इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को पड़ रही है। इस दिन सुबह स्नान कर शिव जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

ध्यान रखें कि यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने क्षेत्र के ज्योतिष या पुरोहित से सलाह जरूर लें। इस दिन किए गए कार्यों का प्रभाव आपकी आस्था और विश्वास पर निर्भर करता है।

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